पंचकूला से नारनौल के पूर्व AMO गिरफ्तार:रेवाड़ी ACB की कार्रवाई, फर्जी दस्तावेजों से कम जुर्माना वसूल करने का आरोप

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महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में अवैध खनन से जुड़े बड़े घोटाले में विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए नारनौल के तत्कालीन सहायक खनन अधिकारी संजय सिम्बरवाल को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है। जिसमें सरकारी राजस्व को लाखों रुपये की हानि पहुंचाने के आरोप सामने आए थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) रेवाड़ी और नारनौल की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही थी। जांच में सामने आया कि खनन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के आदेशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूल कर वाहनों को छोड़ दिया। फर्जी शपथपत्र लगाए जांच में खुलासा हुआ कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों पर तय पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि के बजाय कम जुर्माना लिया गया। इसके लिए वाहन मालिकों द्वारा फर्जी शपथ पत्र और गलत कीमत के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिन्हें विभागीय अधिकारियों ने सत्यापन किए बिना स्वीकार कर लिया। इस प्रक्रिया में कई मामलों में 4 लाख रुपए तक के जुर्माने को घटाकर 2 लाख रुपए या उससे भी कम कर दिया गया, जिससे सरकार को करीब 21 लाख रुपए की वित्तीय हानि पहुंची। 17 कर्मचारियों पर केस दर्ज इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन खनन अधिकारी, सहायक खनन अभियंता, लिपिक व अन्य कुल 17 कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जांच एजेंसी ने संबंधित धाराओं धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। आरोपी से की जा रही पूछताछ विजिलेंस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय सिम्बरवाल से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक 15 गिरफ्तार इस बारे में एसीबी के इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि मामले में 17 में से 14 को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, अब 15 वे संजय सिंबरवाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो आरोपी एमओ राजेंद्र व क्लर्क चंद्रशेखर की गिरफ्तारी बाकी है, जिनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में इंस्पेक्टर राजेश व एएसआई बीर सिंह भी थे।