Tom Alter Story: देहरादून की वादियों से निकलकर मायानगरी में अपनी धाक जमाने वाले टॉम ऑल्टर भले ही पर्दे पर ‘अंग्रेज’ नजर आते थे, लेकिन उनकी रूह पूरी तरह हिंदुस्तानी थी. शुद्ध हिंदी और उर्दू के लफ्जों पर उनकी पकड़ ने बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरान किया. मसूरी और राजपुर की गलियों से उनका रिश्ता इतना गहरा था कि वे अक्सर अपनी व्यस्तता के बीच सुकून ढूंढने ‘क्रिश्चियन रिट्रीट एंड स्टडी सेंटर’ पहुंच जाते थे, जिसकी नींव उनके पिता ने रखी थी. अभिनय के साथ-साथ खेल पत्रकारिता में भी उनका योगदान बेमिसाल रहा वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने नन्हे सचिन तेंदुलकर की प्रतिभा को पहचानकर उनका पहला वीडियो इंटरव्यू लिया था.
विदेशी चेहरा, देसी दिल… टॉम ऑल्टर की वो अनकही कहानी, जो मसूरी की वादियों में आज भी गूंजती है
