यमुनानगर में 30 हजार रुपए रिश्वत लेती महिला क्लर्क गिरफ्तार:ACB ने पकड़ा; अस्पताल की NOC देने के एवज में मांगी थी

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यमुनानगर में अस्पताल निर्माण से संबंधित एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग में तैनात महिला क्लर्क को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने मंगलवार शाम को क्लर्क दिव्या को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। जानकारी के अनुसार जिला करनाल के गांव घरौंदा निवासी रिंकू यमुनानगर शहर के रेलवे रोड पर प्रभु अस्पताल का निर्माण कर रहा है। अस्पताल निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी अनिवार्य थी, जिसके लिए रिंकू ने विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले क्लर्क दिव्या ने 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की और फाइल आगे बढ़ाने का दबाव बनाया। आरोपी से की जा रही पूछताछ रिश्वतखोरी से परेशान रिंकू ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत मंगलवार शाम को शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ आरोपी क्लर्क के पास भेजा गया। जैसे ही क्लर्क ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में विभाग के अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल थे या नहीं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।