कार्यक्रम का शुभारंभ परिक्षेत्रीय कृषि अनुसन्धान केंद्र के सह-संचालक अनुसन्धान डॉ. एके ठाकुर के द्वारा किया गया। इस मौके पर उन्होंने बस्तर अंचल में नारियल के क्षेत्र विस्तार एवं अनुसन्धान की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारियल की खेती कर किसान अपनी आर्थिक सुदृढ़ता की ओर बढ़ सकते है।
इस कार्यक्रम के दौरान परियोजना के प्रभारी एवं वैज्ञानिक डॉ. भुजेंद्र कुमार ने नारियल उत्पादन की तकनीक तथा मृदा नमी संरक्षण पर व्याख्यान दिया। उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. पद्माक्षी ठाकुर ने नारियल उद्यान में कंदीय फसलों की लाभदायक अन्तवर्तीय खेती पर प्रकाश डाला। कनिष्ठ अनुसंधान अध्येयता राजेश पटेल ने कीट प्रबंधंन विषय पर तकनीकी व्याख्यान दिया और नारियल उत्पादक कृषकों के खेतो में नारियल उत्पादन से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया। प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को नारियल के पौधे प्रदान करने सहित रखरखाव के लिए तकनीकी दर्शिका का वितरण किया गया। कार्यक्रम में एम बी तिवारी, डॉ चेतना खांडेकर, डॉ मुकेश साहू, डॉ विनीता पांडेय और कृषकगण तथा महाविद्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
