हरियाणा के हिसार जिले में फर्जी NIA (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) अधिकारी बनकर रेड का मामला 4 महीने बाद उजागर हुआ है। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन मामले को अब तक छिपाए रखा। इस बीच आरोपी लगातार कोर्ट से अग्रिम बेल के लिए प्रयास करते रहे। मगर, अब आरोपियों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से भी झटका लग गया है। हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला छह अक्टूबर 2025 में गांव भैणी बादशाहपुर में सामने आया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में उकलाना पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदेह के घेरे में रही है। आरोप है कि पुलिस ने केवल एक आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया है, जबकि रवि और जयवीर जैसे नामजद आरोपी लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। आरोपी रवि कुमार खुद को होमगार्ड बताता था, जिससे यह अंदेशा और गहरा जाता है कि कहीं उसे विभाग के ही किसी व्यक्ति का संरक्षण तो प्राप्त नहीं था। किसान से सरेआम दिन-दहाड़े ठगी होने और गाड़ी का नंबर होने के बावजूद पुलिस महीनों तक मुख्य साजिशकर्ताओं को दबोचने में नाकाम रही, जिसके कारण आरोपियों को हाईकोर्ट जाने तक का समय मिल गया। इस मामले में खास बात ये है कि पीड़ित किसान की पत्नी आज भी इस मामले से सदमे में है, क्योंकि उसने अपने गहने और परिवार के जेवर गिरवी रखकर ठगों को रकम दी थी। इस तरह आरोपियों ने रेड की… विस्तार से पढ़िए कैसे घटना को अंजाम दिया… तीनों पर कैसे हुआ शक, पीड़ित ने दो पॉइंट में बताया… अब जानिए पुलिस ने इस मामले में क्या-क्या किया… शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों को पकड़ा
सूबे सिंह के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले की शिकायत होने पर तीनों को हिरासत में ले लिया और मुझे थाने में निशानदेही के लिए बुलाया। मैंने थाने जाकर तीनों की पहचान की। उनकी गाड़ी से एक लाख 15 हजार रुपए बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने मुझे यह कहते हुए घर भेजा दिया कि आप सुबह आ जाना, एफआईआर दर्ज कर लेंगे। पुलिस पर दो युवकों को छोड़ने का आरोप
सूबे सिंह के मुताबिक, जब मैं सुबह थाने गया, तो वहां से दो युवक गायब थे। पुलिस ने साठ-गांठ करके रात को होमगार्ड रवि और हसनगढ़ गांव के जयवीर को भी निकाल दिया। मैंने कहा आपने दो आरोपी छोड़ दिए, तो पुलिस ने कहा कि वो तेरा काम नहीं है। तेरे साढ़े 74 हजार ले जाओ। इस पर मैंने कहा कि साढ़े पांच हजार रुपए इसमें कम है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। डीएसपी-एसपी से गुहार लगाई
सूबे सिंह ने बताया कि इसके बाद मैं बरवाला डीएसपी के सामने पेश हुआ, मगर उन्होंने भी मेरी सुनवाई नहीं की। इसके बाद मैं हिसार एसपी से मिला, तो उन्होंने शिकायत उकलाना थाने में मार्क कर दी, मगर आज तक आरोपी पकड़े नहीं गए हैं। मुझे डर है कि वह परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। घटना के बाद से ही मेरी पत्नी सदमे में है और उसका हिसार से इलाज चल रहा है। पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी बोले- लगातार रेड कर रहे
उधर, इस मामले में उकलाना थाना प्रभारी एसआई कुलदीप का कहना है कि एक आरोपी दीपक गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। हम लगातार रेड कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें…. हरियाणा में NIA की छापेमारी:UP और बिहार में अवैध गोला-बारूद तस्करी से जुड़ा मामला; दिल्ली ब्लास्ट से भी जुड़ रहे तार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक, NIA ने हरियाणा से लेकर बिहार तक 22 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। यह पूरा मामला हथियारों की अवैध तस्करी से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार के कई इलाकों में अवैध गोला-बारूद की तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
हिसार में फर्जी NIA रेड का खुलासा:3 को पकड़कर 2 को छोड़ा, 4 माह तक दबाए रखा; महिला ने जेवर गिरवी रख दी थी रकम
