पर शनिवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जिसमें कारगिल युद्ध में शहीद हुए जांबाज
सैनिकों को याद कर उन्हें नमन किया गया।
सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर वीरगति को प्राप्त जवानों
को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर 17 जाट रेजीमेंट के सूबेदार चांदराम ने 7
जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान हुए संघर्ष में अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने
बताया कि कैसे दुश्मनों ने 4875 प्वाइंट पर कब्जा कर लिया था और उनकी बीटीआर प्लाटून
ने सीधे आमने-सामने की भिड़ंत में भाग लिया। इस दौरान उन्हें सिर में गोली लगने के बावजूद
वे बहादुरी से डटे रहे, लेकिन बाद में युद्धभूमि में घायल होकर गिर पड़े।
सिर में गोली
लगने के बावजूद वे जीवित रहे इसे भगवान की कृपा और यह भारत मां का आशीर्वाद है। इसके
बाद उनका तुरंत सफल आपरेशन किया गया। इस घटना के बाद वह स्वास्थ्य हुए और फिर अपनी
ड्यूटी ज्वाईन की। इस सभा में ओमप्रकाश मलिक, कैप्टन रिछपाल धनखड़, नवीन प्रताप त्यागी,
सार्जेंट नफे सिंह, सूबेदार ईश्वर, नाहर सिंह, पीओ रतन मलिक, आनंद प्रकाश व वीरनारी
बाला सहित अन्य मौजूद रहे।
