कर्मचारी बताते हैं कि उनका उद्देश्य केवल सेवा के बदले सम्मान और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर कर्मचारियों ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे लोग भी आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हैं, ऐसे में उनकी समस्या पर ध्यान देना सरकार की जिम्मेदारी है।
स्थानीय प्रशासन ने कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है, लेकिन कर्मचारी केवल लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करेंगे। साथ ही बताया कि कल वे भाजपा कार्यालय का घेराव करेंगे। इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जायज मांगों व मोदी की गारंटी को पूरा की बात कही।
