इसी समस्या को देखते हुए ट्रस्ट लगातार ऐसे बच्चों की मदद कर उन्हें आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चों में टेलेंट की कोई कमी नहीं है। उन्हें जरूरत है तो बेहतर गाइडेंस की, जिससे वे अपने लक्ष्य को बिना किसी बाधा के हासिल कर अपना, अपने समाज व देश का नाम रोशन कर सकें। वहीं युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. मोहित सुथार ने कहा कि समाज अगर शिक्षित होगा तो नशे की प्रवृत्ति से अपने आप दूर चला जाएगा।
डॉ. श्रुति सुथार ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षित होने के साथ-साथ अपने पैरों पर खड़ा होना और परिवार व समाज को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता। पढ़ाई कभी खत्म नहीं होती। शिक्षा रूपी ज्ञान जितना मर्जी ग्रहण करो, वह आपका हर प्रकार से मार्गदर्शन करेगा। श्री विश्वकर्मा एजुकेशन ट्रस्ट सिरसा के प्रधान ओमप्रकाश सुथार ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा अभी सिरसा में ही समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। धीरे-धीरे समाज के लोगों में जागरूकता आ रही है।
इस मौके पर कोषाध्यक्ष भूप सिंह माकड़, सचिव रमेश माकड़, प्रो. हरपाल सिंह, भजनलाल कुलरिया, पूर्व प्रधान पृथ्वीराज, पूर्व ट्रस्ट प्रधान राधेश्याम जांगिड़, भूपेंद्र कश्यप, ओपी बोदलिया, ओमप्रकाश मांडण रिसालियाखेड़ा, हवा सिंह लदोइया पूर्व प्रधान, जगदीश चुहिल, देवीराम चुहिल, वेदप्रकाश मांडण रिसालियाखेड़ा सहित अन्य ट्रस्ट सदस्य व गांवों से आए होनहार व उनके अभिभावक उपस्थित थे।
