प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ ने सिरसा जिले में हुए बड़े VAT घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पदम बंसल, महेश बंसल और उनके परिवार के सदस्यों की करीब 17.16 करोड़ रुपए की 37 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया है। ED ने बताया कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत जांच जारी है और आगे भी इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और पैसों की जांच की जाएगी। ED के मुताबिक यह घोटाला आबकारी एवं कराधान विभाग से संबंधित है। जांच में सामने आया कि कुछ फर्मों ने फर्जी C-फॉर्म के जरिए गलत तरीके से VAT रिफंड लिया। यह रिफंड करीब 4.41 करोड़ रुपए का था। इसके अलावा टैक्स, ब्याज और जुर्माने को मिलाकर सरकार को कुल 43.65 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। गरीब लोगों के नाम पर बनाई थी फर्में जांच में यह भी पता चला कि महेश बंसल और पदम बंसल के नेतृत्व में एक गिरोह ने गरीब और अनजान लोगों के नाम पर फर्में बनाईं और उनके बैंक खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया। बाद में यह पैसा उनके निजी खातों में ट्रांसफर कर लिया गया और उससे संपत्तियां खरीदी गईं। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पर लगी है रोक फर्जी फर्मों के मामलों में आरोपियों के खिलाफ सिरसा ट्रायल कोर्ट में पहुंचा हुआ है। लेकिन अब सुनवाई पर रोक लग गई है। पुलिस ने फर्जी फर्मों के संबंध में 2015 से लेकर 2020 तक 30 एफआईआर दर्ज की थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर को ट्रायल को निर्देश दिया है कि वह मामलों को हाईकोर्ट के समक्ष निर्धारित तिथि से आगे स्थगित कर दे। इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी 2026 को होगी। ये हैं फर्जी फर्मों से जुड़े प्रमुख केस छतरिया निवासी विकास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि महेश बंसल, रमेश कुमार, प्रमोद बंसल, सुनील कुमार और रविंद्र बंसल ने उसके नाम से डिंग रोड पर विकास कॉटन मिल बना दी। जबकि विकास नौकरी करता है। आरोप है कि उसकी आईडी का गलत इस्तेमाल कर फर्म बनाई गई और उसके जरिए टैक्स चोरी का कारोबार किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया। दूसरों के नाम पर करोड़ों का धंधा गुसाईयाना निवासी गुलशन कुमार ने शिकायत में बताया कि महेश बंसल ने उसके नाम से भगवती ट्रेडर्स के नाम पर फर्म बनाकर धोखाधड़ी की। उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया, जिसे महेश बंसल खुद संचालित करता रहा। आरोप है कि इस फर्म के जरिए करोड़ों रुपए का कारोबार किया गया, जबकि गुलशन नौकरीपेशा है। इस मामले में पुलिस ने महेश बंसल, रविंद्र कुमार और रमेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आईजी स्टाफ की ओर से भी अपने स्तर पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गणेश ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों का फर्जी लेनदेन किया गया। आरोप है कि यह लेनदेन महेश बंसल, पवन कुमार और प्रमोद बंसल ने किया। पुलिस ने इस केस में भी आरोपियों पर धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत कार्रवाई की।
हरियाणा के वैट घोटाले में ईडी का एक्शन:पदम बंसल के परिवार की 17.16 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच, PMLA के तहत जांच जारी
