इस अवसर पर शुक्रवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पूजा समितियों, केंद्रीय शांति समिति, एडीआरएफ टीम, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स, नियुक्त दंंडाधिकारियों सहित सभी प्रशासनिक और पुलिस बल एवं जिला के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपायुक्त ने कहा कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व के सफल संचालन में केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों, पूजा समितियों, स्वयंसेवक और मीडिया की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने परस्पर सहयोग और अनुशासन का परिचय दिया। इससे जिले में कहीं भी अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने विशेष रूप से विभिन्न पूजा समितियों का आभार जताया, जिन्होंने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए भीड़-प्रबंधन, विसर्जन-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण में सहयोग दिया। साथ ही, एडीआरएफ और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों ने घाटों एवं प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया और जिला पुलिस बल ने सतर्कता तथा तत्परता के साथ चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की।
अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था संधारण और यातायात व्यवस्था को लेकर किए गए व्यापक प्रयासों की सराहना करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी के आपसी समन्वय, अनुशासन और सहयोग से दुर्गा पूजा एवं विसर्जन का सफल, शांतिपूर्ण आयोजन सम्भव हो पाया, जो जिले की सामूहिक एकजुटता तथा संस्कृति की पहचान है।
