बलरामपुर : स्ट्रीट लाइट खराब होने के कारण शाम होते ही रिंग रोड-मुख्य सड़क पर छा रहा अंधेरा

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बलरामपुर : स्ट्रीट लाइट खराब होने के कारण शाम होते ही रिंग रोड-मुख्य सड़क पर छा रहा अंधेरा

बलरामपुर, 29 जून (हि.स.)। जिले के रामानुजगंज नगर में लाखों रूपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइट अब सिर्फ खंभों पर शो-पीस बनकर रह गई है। अग्रसेन चौक से भारत माता चौक, लरंगसाय चौक से आरटीओ बैरियर और पहाड़ी मंदिर चौक से रिंग रोड होते हुए जिला जेल चौराहा तक अलग-अलग स्थानों पर लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग ने खनिज न्यास मद से सड़क प्रकाश व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइटें लगवाई थीं। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि इन लाइटों के माध्यम से रात में सुरक्षित आवागमन संभव हो सकेगा, लेकिन कुछ ही दिनों में यह लाइटें खराब हो गईं और आज तक इनकी मरम्मत नहीं हो पाई।

नगरवासियों का कहना है कि, स्ट्रीट लाइटें लगाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद न तो लाइटें ठीक से जलीं और ना ही इनके रख रखाव की कोई व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पहाड़ी मंदिर चौक से जिला जेल के पीछे तक, जहां रिंग रोड से होकर गुजरने वाले नागरिकों के लिए ये लाइटें बेहद जरूरी थीं, वहां भी अब गहरा अंधेरा पसरा रहता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रिंग रोड और बटालियन मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अंधेरा बना रहता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़कों पर सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतु भी दिखाई देते हैं, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है। बटालियन मार्ग की स्थिति तो और भी गंभीर है, जहां उन परिवारों की महिलाएं और बच्चे रहते हैं, जिनके पति राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों जैसे दंतेवाड़ा और बीजापुर में पदस्थ हैं। ऐसे में सुख्क्षा के लिहाज से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही।

लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाए गए ट्यूबलर पोल और केबल वायर के माध्यम से स्थापित लाइटें भी कुछ ही दिनों में बंद हो गई। आईएस विभाग द्वारा किए गए कार्यों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। स्थिति इतनी बदतर है कि शाम होते ही नागरिकों को अपने घर से टॉर्च लेकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इन लाइटों को सुधारा नहीं गया तो वे आंदोलन करेंगे।

नगर के जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय उदासीनता पर नाराजगी जताई है। लोगों का सवाल है कि जब इतनी बड़ी राशि खर्च की गई तो फिर काम की गुणवत्ता की निगरानी क्यों नहीं की गई? यह भी संदेह जताया जा रहा है कि इस कार्य में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर में जल्द से जल्द सड़क प्रकाश व्यवस्था को सुचारू रूप से शुरू किया जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग और आईएस विभाग के अधिकारियों से सड़क प्रकाश व्यवस्था को ठीक कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला खनिज न्यास मद से रिंग रोड और नगर के अन्य हिस्सों में लगाई गई स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत की जरूरत है। कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

उल्लेखनीय हैं कि रिंग रोड के निर्माण के बाद ही यहां रात में आवागमन करने में दिक्कतें बढ़ गई थीं। इसे देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर की पहल पर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं, लेकिन लाइटें लगने के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गईं। इसके बावजूद विभागों ने न तो जांच करवाई और ना ही मरम्मत कराई।

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