निगम प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, नैन फाउंडेशन को पहले ही बधियाकरण का कार्यादेश जारी किया जा चुका है। विगत सप्ताह एजेंसी ने कुत्ते पकड़ने का काम प्रारंभ किया था, लेकिन जाली की मरम्मत की आवश्यकता के चलते कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अब निगम की सहायता से सुरक्षा जाली को और अधिक मजबूत बनाया गया है ताकि पकड़े गए स्वानों को सुरक्षित रूप से रखा जा सके।
प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी कमलेश ठाकुर ने बताया कि जाली की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है। जैसे ही यह कार्य समाप्त होगा, एजेंसी द्वारा कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण की प्रक्रिया पुनः शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि बधियाकरण के बाद कुत्तों को विशेष निगरानी में रखा जाएगा और स्वस्थ होने पर उन्हें पुनः उनके मूल स्थानों पर छोड़ा जाएगा। निगम का उद्देश्य शहर में कुत्तों की संख्या को नियंत्रित कर नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने पूर्व में ही बधियाकरण के लिए हरियाणा की नैन फाउंडेशन को निविदा प्रक्रिया के तहत जिम्मेदारी सौंपी थी। निगम की तत्परता से स्थल चयन और सुरक्षा जाली लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। अब सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाकर अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
