पानीपत शहर के सेक्टर-6 के एक युवक के साथ अस्पताल में फार्मेसी चलवाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि ‘फैमिली हेल्थ केयर’ के निदेशकों ने न केवल युवक के पैसे हड़पे, बल्कि कोर्ट परिसर में उसे जान से मारने की धमकी भी दी। DSP की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है। इसके बाद संबंधित थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। MOU के नाम पर फंसाया, निवेश कराए 70 लाख शिकायतकर्ता ऋषभ दांगी ने बताया कि उन्होंने 1 मार्च 2020 को डॉक्टर सुरेश कुमार और उनकी पत्नी अनुपमा नैन (निदेशक, फैमिली हेल्थ केयर) के साथ गाजियाबाद स्थित उनके अस्पताल में फार्मेसी चलाने का एग्रीमेंट किया था। इसके लिए ऋषभ ने करीब 65 से 70 लाख रुपए स्टाफ और स्टॉक में निवेश किए थे। समय से पहले खाली कराई फार्मेसी वर्ष 2022 में डॉक्टरों ने ऋषभ को बताया कि उन्होंने अस्पताल ‘यशोदा ग्रुप’ को लीज पर दे दिया है और उसे फार्मेसी खाली करनी होगी। 31 अक्टूबर 2022 को हिसाब करने पर डॉक्टरों की तरफ 1 करोड़ 95 लाख 77 हजार 982 रुपए की देनदारी निकली। इस राशि के भुगतान के लिए डॉक्टरों ने करीब 65-65 लाख रुपए के तीन चेक दिए, लेकिन खाते में पर्याप्त पैसे न होने के कारण तीनों चेक बाउंस हो गए। कोर्ट में दी जान से मारने की धमकी ऋषभ का आरोप है कि 19 दिसंबर 2025 को जब वह कोर्ट में केस की तारीख पर गए थे, तो आरोपी डॉक्टर सुरेश ने उन्हें धमकी दी। डॉक्टर ने कहा, “तेरा इंतजाम गाजियाबाद में कर दिया है, तुझे ऐसे झूठे केस में फंसाऊंगा कि जिंदगी भर याद रखेगा, नहीं तो जान से मरवा दूंगा।” DSP की जांच में दोषी पाए गए डॉक्टर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) समालखा द्वारा की गई जांच में पाया गया कि डॉक्टरों ने साजिश के तहत समय से पहले फार्मेसी खाली करवाई और शिकायतकर्ता के पैसे हड़प लिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ धारा 406 (अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत अपराध गठित होना पाया गया है। थाना 13/17 पानीपत में एफआईआर दर्ज की गई है।
पानीपत में डॉक्टरों पर ₹1.95 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप:फैमिली हेल्थ केयर निदेशकों ने थमाए फर्जी चेक; फार्मेसी खाली करवाकर दी धमकी
