‘जज पर भरोसा नहीं, केस से हटाएं’:केजरीवाल ने हाईकोर्ट में आबकारी केस में खुद 10 वजहें गिनाईं, कहा- मुझे पहले से दोषी माना जा रहा

Spread the love

अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को हाईकोर्ट जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से दिल्ली शराब घोटाला केस से हटने (रिक्यूज) की फिर मांग की। उन्होंने कोर्ट में डेढ़ घंटे दलीलें रखीं। कहा- ‘मुझे पहले से ही दोषी माना जा रहा है। जस्टिस शर्मा के आदेशों में एक पैटर्न दिखता है, जिसमें ED और CBI के हर तर्क को स्वीकार किया जाता है।’ केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से अलग करने की 10 वजहें गिनाईं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को तीन महीने की सुनवाई के बाद इस केस में मुझे और 23 आरोपियों को बरी कर दिया। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने बहुत कम समय की सुनवाई के बाद आंशिक रूप से स्थगित कर दिया। इससे पहले 6 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि अगर कोई जज को मामले से हटाने की मांग वाली अर्जी देना चाहता है, तो दे सकता है। केजरीवाल ने जज को हटाने की अर्जी क्यों लगाई, 5 पॉइंट्स में समझिए केजरीवाल की कोर्टरूम में 10 बड़ी दलीलें… 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में SIR- सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई:वोटर लिस्ट से 91 लाख नाम कटे थे; 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को बंगाल के लिए SIR की सूची जारी की थी। इसके बाद 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। पूरी खबर पढे़ं…