बलौदाबाजार : न्यायालय भवन पक्षकारों, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए उपयोगी होंगे : हाईकोर्ट मुख्‍य न्‍यायाधीश

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बलौदाबाजार/रायपुर, 6 नवंबर । हाईकोर्ट मुख्‍य न्‍यायाधीश रमेश सिन्हा के द्वारा आज गुरुवार को जिला न्यायालय बलौदाबाज़ार में नव-निर्मित अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भाटापारा, सिमगा और कसडोल में सिविल न्यायालय भवनों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस कार्यक्रम में पोर्टफोलियो जिला न्यायाधीश राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायाधीशगण शामिल हुए।

इस अवसर पर हाईकोर्ट मुख्‍य न्‍यायाधीश रमेश सिन्हा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिला अधिवक्ता संघ को नवीन एवं सुसज्जित अधिवक्ता कक्ष के लोकार्पण पर बधाई देते हुए व्यक्त किया कि, बलौदाबाज़ार जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं के लिए नव निर्मित अधिवक्ता कक्ष अत्यंत उपयोगी है एवं अधिवक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकेगा। पूर्व में जहाँ अधिवक्तागण विभिन्न स्थानों पर बैठकर कार्य करते थे, वहीं अब यह नवीन बार रूम उन्हें एक सुसज्जित एवं आरामदायक वातावरण प्रदान करेगा, जिससे वे पक्षकारों के हित में और अधिक दक्षता के साथ कार्य कर सकेंगे, जिससे बलौदाबाजार क्षेत्र के समस्त पक्षकार, अधिवक्तागण को सुविधायुक्त वातावरण में शीघ्र न्याय प्राप्त हो सकेगा।

भाटापारा, सिमगा और कसडोल में सिविल न्यायालय भवन न्यायिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब यह भवन निर्धारित समयावधि में निर्मित होंगे, तब वहाँ का कार्य वातावरण और अधिक उत्कृष्ट होगा। यह न्यायालय भवन न केवल पक्षकारों बल्कि अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और न्यायिक कर्मचारियों सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। सुविधायुक्त अधोसंरचना से न्यायिक कार्यों की गति बढ़ेगी और न्याय की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हो सकेगा।

मुख्य न्यायाधिपति ने यह भी कहा कि, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय सदैव इस दिशा में प्रतिबद्ध है कि राज्य की जिला न्यायपालिका को सर्वोत्तम अधोसंरचना उपलब्ध कराई जाए। राज्य सरकार के सहयोग से उच्च न्यायालय निरंतर न्यायिक भवनों, अधिवक्ता कक्षों, डिजिटल सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का विस्तार कर रहा है ताकि न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

बलौदाबाजार न्यायालय परिसर में अधिवक्ता कक्ष के निर्माण हेतु 48,80,00, भाटापारा में सिविल न्यायालय भवन के लिए 8 करोड़ 83 लाख 74 हजार,कसडोल में सिविल न्यायालय भवन के लिए 7करोड़ 4 लाख 19 हजार तथा सिमगा में सिविल न्यायालय भवन के लिए 6 करोड़ 90 लाख 17 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार कुल लगभग 23 करोड़ 26 लाख 90 हजार की राशि इन परियोजनाओं पर व्यय की जाएगी।