कैथल में अनुशासन की एवं नियमों की अवहेलना करने के आरोप में पुलिस विभाग से बर्खास्त किए गए हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने अब एडीजीपी के पास अपनी बहाली के लिए अपील की है। अपील में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी सेवा बहाल करने की मांग की है। सुनील ने अपील में कहा है कि अनुशासन एवं नियमों की अवहेलना के जो आरोप उन पर लगे हैं, वे सही नहीं है। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे विभाग की छवि खराब हो। निष्पक्ष जांच की मांग सुनील संधू ने कहा कि उसने हमेशा लोगों को जागरूक करने और समाज सेवा के कार्य किए। फिर भी उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। वे अपनी हर पोस्ट में भी लोगों से ये राय लेते हैं कि उनका कसूर क्या था, जिसके चलते उनको बर्खास्त किया गया। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उनकी सेवा को बहाल किया जाए। जब अपील को लेकर सुनील संधू से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी के समय उनको अपील का अधिकार दिया गया। उसी के चलते उन्होंने उच्चाधिकारियों से न्याय की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही वे बहाल होंगे। मामले को लेकर एसपी मनप्रीत सिंह ने कहा कि अभी उनके पास इस प्रकार की कोई सूचना नहीं है। अगर उच्चाधिकारियों की ओर से इस संबंध में निर्देश आते हैं तो उनके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। जानिए क्या था मामला बता दें कि कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। तत्कालीन SP उपासना ने बताया था कि सुनील संधू ने DSP पर धमकाने के आरोप लगाए थे, उन्हें इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने के बजाए सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। इसमें नियमों को भी अनदेखा किया गया। 9 सदस्यों को किया था लाइन हाजिर वहीं सुनील संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान नशे के साथ आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। अनुशासनहीनता को लेकर सुनील संधू पर कार्रवाई की गई। विवाद के बाद सुनील संधू समेत नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था, अब सुनील को बर्खास्त किया गया है।
कैथल में बर्खास्त पुलिसकर्मी सुनील ने की बहाली की मांग:एडीजीपी कार्यालय में अपील की, आरोप निराधार बताए
