डीआईजी की प्रॉपर्टी 10 से घटकर 3.20 करोड़ बची:संभल एसपी के पास 4 करोड़ का घर, जानिए DG-STF चीफ के पास कितनी प्रॉपर्टी?

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गाजियाबाद में एक जमीन जिसकी वैल्यू 2025 में 10 करोड़ थी, उसी जमीन की कीमत आज यानी एक साल में सवा तीन करोड़ से भी कम रह गई। गाजियाबाद में ही एक और जमीन, जिसे 10 साल पहले 50 लाख में खरीदा गया था, आज उसकी कीमत आधी रह गई। ये हम नहीं कह रहे, वो दस्तावेज कह रहे, जिन्हें डीआईजी रैंक के एक अफसर ने अपने ही विभाग को साइन के साथ सौंपा है। ये वैल्यूशन उनकी एक प्रॉपर्टी की है। वैसे वह यूपी के IPS में सबसे अमीर हैं। ऐसे ही एक एसपी हैं, जिनके पास पिछले साल तक अपना घर नहीं था। अब उन्होंने अपने भाई और बहन की मदद से 3.40 करोड़ का घर राजस्थान में खरीदा है। जिसकी वैल्यू 12 महीने में ही करीब 60 लाख बढ़ कर चार करोड़ हो गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 31 जनवरी तक आईएएस-आईपीएस अफसरों को अपनी संपत्ति का ब्योरा डीओपीटी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) को देने को कहा था। आईपीएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है। जानिए आईपीएस अफसरों में किसके पास कितनी प्रॉपर्टी? बस्ती रेंज के डीआईजी हैं संजीव त्यागी। संजीव त्यागी इस बार भी संपत्तियों की कीमत के हिसाब से सबसे रईस हैं। उनके पास करीब 30 करोड़ की 5 प्रॉपर्टी हैं। उन्होंने गाजियाबाद के सदर इलाके में 0.838 हेक्टेयर जमीन 40 लाख रुपए में 2010 में खरीदी थी। इस प्रॉपर्टी पर 11 लाख रुपए का कंस्ट्रक्शन वर्क भी कराया। 2025 के अचल संपत्ति के ब्योरे में उन्होंने इस जमीन और घर की कीमत 10 करोड़ रुपए आंकी थी। लेकिन, इस बार जब उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा डीओपीटी को सौंपा तो उसमें इसीकी वैल्यू 3.20 करोड़ रुपए ही बताई। 11 साल में आधी रह गई गाजियाबाद में जमीन की वैल्यू
संजीव त्यागी की ही एक और प्रॉपर्टी गाजियाबाद के मोदीनगर में है। उन्होंने 2015 में 50 लाख रुपए में यह प्रॉपर्टी खरीदी थी। 0.356 हेक्टेयर जमीन की मौजूदा कीमत उन्होंने 26 लाख रुपए बताई है। यानी 11 साल में यहां जमीन की कीमत बढ़ने के बजाय घट गई? संभल के चर्चित SP कृष्ण कुमार ने खरीदा 4 करोड़ का घर
संभल के चर्चित एसपी कृष्ण कुमार ने 2025 के ब्योरे में कोई भी संपत्ति घोषित नहीं की थी। 2026 में उन्होंने राजस्थान में खरीदा गया एक मकान दिखाया है। जिसे 3.40 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। अब उसकी कीमत 4 करोड़ रुपए हो गई है। पिछले साल 27 जनवरी को खरीदे गए इस मकान में कृष्ण कुमार के अलावा उनके भाई और बहन की भी हिस्सेदारी है। इतना ही नहीं, इस मकान से रेंटल इनकम भी होती है। हर साल करीब 4.80 लाख रुपए आते हैं। दस्तावेजों में इस घर को गिरवी पर बताया गया है। 6 महीने में डेढ़ गुना हुई जमीन की कीमत
इसी तरह मुजफ्फरनगर के एसपी संजीव सुमन ने भी पिछले साल कोई प्रॉपर्टी घोषित नहीं की थी। उन्होंने लखनऊ में एक जमीन 2025 में खरीदी, जिसका ब्योरा इस बार उन्होंने दिया है। 6 जून, 2025 को खरीदी गई इस जमीन की कीमत 6 महीने में ही डेढ़ गुना हो गई। 20 लाख रुपए में खरीदी गई जमीन की मौजूदा कीमत 30 लाख रुपए बताई गई है। कन्नौज के एसपी की संपत्ति 1.72 करोड़ घटी
कन्नौज के एसपी हैं विनोद कुमार। 2014 बैच के प्रमाेटी आईपीएस अफसर हैं। इन्होंने 2025 में अपनी कुल 9 संपत्तियां घोषित की थीं, जिनकी वैल्यू 4.07 करोड़ बताई गई थी। इनमें 5 पुश्तैनी संपत्ति शामिल थीं। इस साल यानी 2026 में उन्होंने अपने प्रॉपर्टी के ब्योरे में कुल 5 प्रॉपर्टी ही दिखाई हैं। जिनकी वैल्यू 2.35 करोड़ है। इसमें से केवल 1 संपत्ति ही पुश्तैनी है। बाकी 4 पुश्तैनी संपत्ति को इस बार उन्होंने अपने ब्योरे में डिक्लेयर नहीं की हैं। यानी विनोद कुमार की 1.72 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कम हो गई। झांसी रेंज के आईजी ने 15 लाख में 240 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी
झांसी रेंज के आईजी आकाश कुल्हरि ने लखनऊ के मोहनलालगंज में शिप्रा स्टेट लिमिटेड की टाउनशिप में 240 वर्गमीटर प्रॉपर्टी 15 लाख रुपए में पिछले साल खरीदी। इसके अलावा इनका राजस्थान के जयपुर में भाई के साथ साझेदारी में मकान भी है। आईजी रैंक के एक और अफसर हैं के. एजिलारेसन। ये यूपी 112 में तैनात हैं। इनके पास 14 प्रॉपर्टी हैं। पिछले साल के ब्योरे में उन्होंने कुल 13 संपत्ति का जिक्र किया था। प्रमुख आईपीएस अफसरों की संपत्ति
यूपी में मुख्यालय स्तर पर अहम पदों पर तैनात पुलिस अफसरों की बात करें तो उनकी संपत्ति में 2025 के मुकाबले कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था, डीजी फायर सर्विस, डीजी जेल और एडीजी रेलवे जैसे अहम पदों पर बैठे अफसरों की संपत्ति उतनी ही है, जितनी पिछले साल उन्होंने डीओपीटी को बताई थी। फील्ड में एडीजी जोन के पद पर तैनात अफसरों की मौजूदा संपत्ति
जोन की बात करें, तो यहां तैनात केवल भानु भास्कर की संपत्ति में थोड़ा बदलाव हुआ है। उन्होंने 2025 में 7 प्रॉपर्टी घोषित की थी। लेकिन, इस बार उनकी एक संपत्ति कम हो गई। 2026 के आंकड़ों की बात करें, तो केवल 6 प्रॉपर्टी इनके पास हैं। सबसे अधिक रमित शर्मा के पास 7 संपत्ति हैं। इतनी ही पिछले साल भी थीं। इसके बाद भानु भास्कर और ज्योति नारायण का नंबर आता है। इनके पास 6-6 प्रॉपर्टी हैं। वहीं, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार इस मामले में सबसे पीछे हैं। उनके पास कोई प्रॉपर्टी ही नहीं है। अब बात पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अफसरों की संपत्ति की। यहां जोगेंद्र कुमार पहले नंबर पर हैं। हालांकि, उनकी संपत्ति की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ है। उनके पास कुल 9 संपत्तियां हैं, जिसमें पुश्तैनी संपत्ति भी शामिल है। इसके अलावा लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर के पास 5 संपत्ति हैं। रेंज में राकेश प्रकाश आज भी सबसे बड़े जमींदार
रेंज की बात करें तो राकेश प्रकाश सिंह आज भी सबसे बड़े जमींदार हैं। उनके पास कुल 25 संपत्तियां हैं। हालांकि, इनमें अधिकतर संपत्ति पुश्तैनी है। इन्होंने इतनी ही संपत्ति पिछले साल भी घोषित की थी। ज्यादातर अफसरों की संपत्ति में कोई बदलाव नहीं आया है। जितनी संपत्ति पिछले साल थी, उतनी ही इस साल भी है।
———————– ये खबर भी पढ़ें… UP सरकार पिछले बजट का आधा ही खर्च कर पाई, पेंशन-भत्तों के लिए 100% रकम दी वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर