पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए कैथल जिले के देविंद्र सिंह (25) को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। 11 महीने पहले देविंद्र पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी संवेदशनशील जानकारी पाकिस्तान को सांझा करने के आरोप लगे थे। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज की एकल पीठ ने सुनवाई में पाया कि स्टेट की ओर से ऐसा कोई मजबूत तथ्य पेश नहीं किया जा सका, जिससे देविंद्र पर लगे आरोप साबित हो। साथ ही यह भी दर्ज किया कि आरोपी के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज हैं, अन्य आपराधिक मामला लंबित नहीं है। केवल आरोपों के आधार पर हिरासत में रखना न्यायसंगत नहीं है। धार्मिक स्थलों के दर्शन करने गया था बता दें कि देविंद्र पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने गया था। आरोप था कि जहां एक युवती ने उसे हनीट्रैप में फंसा लिया। इसके बाद उसे 7 दिन अपने पास रखा। जानकारी के अनुसार युवती ने उसे पाकिस्तान में जासूसी की ट्रेनिंग दिलाई, फिर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के 5 एजेंटों के साथ संपर्क करा दिया। युवती ने उसे लालच दिया कि अगर वह खुफिया सूचनाएं देगा, तो उसकी फ्रेंडशिप और खूबसूरत युवतियों से कराएंगे, इसके अलावा उसे रुपए भी मिलेंगे। युवक लालच में आ गया और सेना से जुड़ी जानकारियां भेजने लगा। पुलिस ने युवक को हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालने के बाद कैथल के गुहला थाने में केस दर्ज कर पकड़ा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा है। शुरुआती जांच में पता चला कि वह ISI के एजेंटों को अब तक पटियाला कैंट क्षेत्र की जानकारी और फोटो को भेज चुका है। इसके बाद उसने डेटा मोबाइल से डिलीट कर दिया। करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते गया पाकिस्तान युवक की पहचान कैथल के गांव मस्तगढ़ के रहने वाले देविंद्र सिंह ढिल्लो (25) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह नवंबर 2024 में करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब, लाहौर और पंजा साहिब जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन करने गया था। लड़की की खूबसूरती देख फंसा इसी दौरान वहां उसे एक लड़की मिली, देविंद्र सिंह ने बताया कि वह युवती बहुत खूबसूरत थी, इसलिए वह उसके चक्कर में आ गया। युवती ने 7 दिन अपने साथ रखा। इसके बाद कहा कि अगर वह उसे कुछ सूचनाएं देगा, तो वह उसकी दोस्ती और भी लड़कियों से कराएगी। देविंद्र के अनुसार, युवती ने उसे मोटा पैसा देने की बात भी कही थी। लड़की ने उसे 5 लोगों के नंबर दिए थे, वे सभी ISI एजेंट थे। उन्होंने बाकायदा जासूसी का प्रशिक्षण दिलाया, वे लगातार संपर्क में भी बने रहे। जासूसी की मिली ट्रेनिंग युवक ने बताया कि उसे पंजाब के सैन्य क्षेत्रों की लिस्ट देकर उनकी जासूसी करने के लिए कहा गया था। उससे कहा गया कि कुछ खास क्षेत्रों की ही जानकारी भेजनी है। यह भी कहा कि सैन्य क्षेत्रों से निकलने वाले सामान की जानकारी दे। इसके बाद देवेंद्र ने पटियाला कैंट की जानकारी और फोटो भेजे। देविंद्र सिंह सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफ स्टाइल की फोटो शेयर करता रहता था। फेसबुक पर अवैध हथियारों के साथ फोटो डाली देविंद्र सिंह ने 13 मई को फेसबुक पर अवैध हथियारों से संबंधित एक पोस्ट डाली थी, जिसके बाद उसे काबू कर पूछताछ की गई। वह पटियाला के खालसा कॉलेज में MA फर्स्ट ईयर पॉलिटिकल साइंस का छात्र है। पटियाला में ही वह किराए पर रह रहा था। वह मिडिल क्लास फैमिली का लड़का है। उसके माता-पिता और छोटी बहन है। बहन 12वीं की पढ़ाई कर रही है, पिता किसान हैं।
हाईकोर्ट से कैथल के देविंद्र को मिली जमानत:पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप, ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाए
