भोपाल में डिप्टी CM जगदीश देवड़ा ने किया बजट संवाद:कहा- आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, आम जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बनेगा बजट

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एमपी के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सोमवार को भोपाल में बजट संवाद किया। उन्होंने कहा है कि जन अपेक्षाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश का बजट तैयार किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों के लिए रोलिंग बजट तैयार करने की पहल करने में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। देवड़ा ने कहा कि प्रदेश का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर आम जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। सरकार का निरंतर प्रयास है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में जनभागीदारी को और अधिक विस्तार दिया जाए और प्राप्त सुझावों को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए। विभिन्न माध्यमों से 945 सुझाव प्राप्त हुए
डिप्टी सीएम देवड़ा ने बजट संवाद में कहा कि बजट को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आम जनता, विषय विशेषज्ञों और प्रबुद्ध वर्ग से ई-मेल, वेबसाइट, दूरभाष एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए सुझाव आमंत्रित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 945 सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में ₹82 हजार 513 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रावधान अब तक का सर्वाधिक है। वर्ष 2029 तक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद ₹27.2 लाख करोड़ तथा वर्ष 2047 तक ₹250 लाख करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि का रोडमैप तैयार किया गया है। डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा.. आगामी बजट में कृषि और किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे किसानों की आय बढ़े और सब्सिडी पर निर्भरता कम हो। साथ ही उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन के क्षेत्र में सुधार हेतु भी विशेषज्ञों से ठोस सुझाव आमंत्रित किए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और नागरिकों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और बजट विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश अपने लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त करेगा। बजट संवाद के दौरान वक्ताओं ने कहा
सचिव वित्त लोकेश कुमार जाटव ने स्वागत भाषण में कहा कि बजट सुझाव को यथोचित बजट में शामिल करेंगे। उन्होंने बजट की पूरी प्रक्रिया संक्षेप में जानकारी दी। उप महाप्रबंधक नाबार्ड सुशील कुमार ने सुझाव दिया कि विकसित भारत 2047 के लिए कार्पोरेट सेक्टर की भूमिका, इन्वेस्टमेंट बढ़ना, सिंचाई और मंडी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना होगा। कुछ विशेष एरिया को शामिल किया जाना चाहिए। सदस्य मध्यप्रदेश युवा आयोग आशुतोष सिंह ठाकुर ने नेशनल यूथ पॉलिसी के कुछ विशेष एरिया को शामिल किया जाना चाहिए, युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, लैग्वेंज सिस्टम को लागू करने के लिये उच्च शिक्षा में बजट प्रावधान अलग से होना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष सीसीआई सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एवं स्टॉर्ट अप एवं डिफेंस कॉरिडोर पर अपने सुझाव दिया। महिलाओं के प्रशिक्षण में इनकम जनरेटिंग पाइंट हो
उप महाप्रबंधक आरबीआई अल्का गर्दे ने कहा महिलाओं को जो भी प्रशिक्षण दिया जाए उसमें इनकम जनरेटिंग पॉइंट को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने एमएसएमई क्लस्टर्स को बढ़ावा देने की भी बात की है। अध्यक्ष उद्योग भारती मितेश लोकवानी ने आईटी सेक्टर, सेमीकंडक्टर में मध्यप्रदेश के निर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफैक्चर एवं लॉजिस्टिक हब बनाने पर जोर दिया।सोशल पॉलिसी स्पेशलिस्ट सोमेन बागची ने चाइल्ड बजट में चिल्ड्रन पर इनवेस्टमेंट एवं केयर इडस्ट्रीपर अपने विचार व्यक्त किए। सलाहकार नीति आयोग राजीव ठाकुर ने कृषि उद्योग एवं टेक्सटाइल एवं ऑटोमोबाइलस पर अपने सुझाव दिए। चार्टर्ड एकाउंटेंट नवनीत गर्ग ने जीएसटी एवं डाटा सेंटर पर अपने सुझाव दिया। नाट्य गृहों का निर्माण मध्यप्रदेश में हो
फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा ने कहा कि कला व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सभागृहों में किराया कम करने, मनोरंजन कर न लगाने एवं नाटय अकादमी में सीटों की सीमा बढ़ाने और नाट्य गृहों का निर्माण मध्यप्रदेश में किया जाना चाहिए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी मेनेजमेंट प्रो. प्रताप जैना ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जीएसडीपी में बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने रेवन्यू सरप्लस होने पर खुशी जताई है। पूंजीगत व्यय पर मध्यप्रदेश की सराहना की। ग्लोबल प्रजेंश पर अपने सुझाव दिए
संयोजक एसएलबीसी एवं महाप्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया धीरज गोयल ने कहा प्रदेश सरकार आगामी बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए समावेशी और सतत विकास को प्राथमिकता दी है। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान प्रो. योगेश दुबे ने वन, वन्यजीव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन को प्राथमिकता देने की बात कही। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट बृजेश कुमार ने विकसित भारत 2047 के लिए प्रति व्यक्ति आय सामाजिक समरसता, तकनीकी विकास, पर्यावरण स्थिरता एवं ग्लोबल प्रजेंश पर अपने सुझाव दिए। केयर इकोनॉमी पर भी सुझाव दिया
निकोर फाउंडेशन मिताली निकोर ने जेंडर बजट में महिलाओं को क्रिएटर के रूप में बनाना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार ऐसे स्कीम डिजाइन करें जिसमें महिलाएं अपने विचार एवं लाभ ले सकें। उन्होंने केयर इकोनॉमी पर भी सुझाव दिया। कृषि में नवाचार नरसिंहपुर ड्रोन आचार्य भक्तराज ने सुझाव दिया कि कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा बाउचर से किसानों को प्रमोट किया जाए एवं स्थानीय विशेषज्ञों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने दलहन खेती में ड्रोन की भूमिका पर भक्तराज की सराहना भी की थी। संचालक बजट राजीव रंजन मीना ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा सहित आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके बहुमूल्य सुझावों को बजट में शामिल करने का परीक्षण करेगी।