देहरादून के श्री गुरु राम राय (SGRR) मेडिकल कॉलेज में एमएस कर रही छात्रा के सुसाइड मामले में आरोपी डॉक्टर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कॉलेज की जिस डॉक्टर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है, उसने सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने के लिए वकील भी कर लिया है। मामले में पुलिस ने मृतक छात्रा के पिता की शिकायत पर आरोपी डॉक्टर प्रियंका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया है। कानून विशेषज्ञों के अनुसार इस धारा में अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है और पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी कर सकती है, इसी वजह से आरोपी डॉक्टर ने पहले ही अग्रिम जमानत की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, देहरादून पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की तैयारी है। वहीं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दरअसल, हरियाणा के अंबाला की रहने वाली 26 वर्षीय डॉक्टर तन्वी देहरादून के SGRR मेडिकल कॉलेज से एमएस की पढ़ाई कर रही थीं। आरोप है कि कॉलेज की एचओडी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी और पैसों की मांग भी की जा रही थी, जिससे वह तनाव में थीं। परिजनों के मुताबिक 24 मार्च की रात संपर्क न होने पर पिता देहरादून पहुंचे, जहां इंद्रेश अस्पताल के पास कार में तन्वी अचेत अवस्था में मिलीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इधर, गुरुवार सुबह अंबाला सिटी के रामबाग में डॉ. तन्वी के अंतिम संस्कार में काफी संख्या में लोग पहुंचे। पिता ने बेटी की चिता को मुखाग्नि दी। डॉ. तन्वी की कार की 2 PHOTOS… पढ़िए…तन्वी के सुसाइड का पूरा घटनाक्रम अब पढ़िए पिता ने शिकायत में क्या बताया… नई HOD बेटी को परेशान करने लगी: तन्वी के पिता ललित मोहन ने पुलिस को जो शिकायत में बताया कि तन्वी सितंबर 2023 से SGRR कॉलेज से ऑप्थल्मोलॉजी (आंखों के रोग) से एमएस कर रही थी। दिसंबर 2025 तक उसकी पढ़ाई ठीक चल रही थी, लेकिन इसके बाद उसके डिपॉर्टमेंट में डॉ. प्रियंका गुप्ता को नया HOD बनाया गया। डॉ. प्रियंका बेटी को परेशान करने लगी। HOD नंबर काटने की धमकी देने लगी: शिकायत में कहा गया है कि HOD डॉ. प्रियंका ने शुरुआत से ही तन्वी को डराना-धमकाना शुरू कर दिया और उसे पहले के HOD से किसी भी तरह का संपर्क रखने से मना कर दिया। जहां तन्वी को उसके एग्जाम में परफॉर्मेंस के आधार पर पहले अच्छे नंबर मिलते थे, बाद में उसके लॉग बुक में अचानक कम या जीरो नंबर दिए जाने लगे। बेटी को फाइनल एग्जाम में फेल करने की धमकी भी दी गई। पैसों की मांग और परिवार की गुहार: डॉ. ललित मोहन ने शिकायत में यह भी कहा कि बेटी से पैसों की मांग की गई, जबकि पूरी फीस पहले ही कॉलेज में जमा कराई जा चुकी थी। इस वजह से तन्वी मानसिक दबाव में रहने लगी और उसने कई बार अपने मुझे भी इस बारे में बताया। पिछले चार महीनों में हमनें तीन-चार बार कॉलेज पहुंचकर HOD से बेटी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करने की गुहार लगाई। मामले से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है। चार महीने से परेशान चल रही डॉ. तन्वी ने अपनी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट (HOD) से हुई बातचीत की एक वॉयस रिकॉर्डिंग की थी। मरने से पहले डॉ. तन्वी ने अंबाला में पिता ललित मोहन को फोन पर कहा था… बहुत परेशान हो गई हूं। अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी। करीब आधे घंटे की यह ऑडियो पिता को भी भेजी थी, जिसे अब ललित मोहन ने मीडिया के साथ शेयर किया। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में डॉ. मोहन ने बताया कि इसी साल जुलाई में बेटी के फाइनल एग्जाम थे, उसकी मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) की डिग्री कंप्लीट हो जाती। पहली से लेकर MBBS तक बेटी टॉपर रही। 25 साल की उम्र में एमएस हो जाती। 24 मार्च की रात को बेटी ने 1 घंटा बात की। वहीं, सीओ देहरादून अंकित कंडारी का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) की नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता पर FIR दर्ज कर ली है। हर पहलू से पड़ताल की जा रही है। तन्वी की ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्या, इस बातचीत से समझें…. तन्वी: रचना मैम ने कहा कि 25 में बैठ जाओ, रेफरेंसिस देख लेना। बाद में मुझे पता चला कि गुरमीत ओपीडी देखेगा, मतलब कैंप वर्क सारा करेगा, ओटी करवाएगा। शी सेड… यू आर फ्री फ्रॉम माई साइड। डॉ. प्रियंका: कुछ कहती है (ऑडियो में क्लियर नहीं) तन्वी: हां हम अपना कम्यूनिकेशन गैप कर लेंगे, ठीक कोई ना, हमारी बात हो गई है। डॉ. प्रियंका: वाय ऑल हैंपन विद यू। तन्वी: मैम, आप बताओ मैं किस-किस को खुश करूं और कैसे। बताओ मैं क्या कर सकती हूं इसमें। मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं किया। डॉ. प्रियंका: तुम्हें पता है क्लास का टाइम है। तन्वी: मैम क्लास कभी मिस नहीं की है मैंने, एक दिन की थी उस दिन थोड़ा कन्फूजन था। हम ओटी से ऊपर लेट आए थे। मैं किसी की लाइफ में इंटरफेयर नहीं करती हूं। एक ही दिन की बात है। मैं पढ़ने आई थी तो आस्था फाइल लेकर आई। मैं आज तक लाइब्रेरी गई नहीं। मैं उस दिन यहां आई थी पढ़ाई करने, लैपटॉप पर कुछ बनाने। आस्था एक ही मिनट के लिए आई मेरे पास, तब वैष्णवी ने उसे कहा कि वहां नहीं यहां आकर बनाओ। मैम मैं जितनी इंटरोवर्ट हूं, दो से ज्यादा लोग से इकट्ठे बात नहीं कर सकती। अगर सब मिलकर टारगेट कर रहे हो तो क्या कर सकती हूं। कुछ होगा नहीं इससे। डॉ. प्रियंका: आई एम नॉट टारगेटिंग यू, बस बता रही हूं…तुमसे सब नाखुश हैं। तन्वी: मैं किसी भी तरह की पॉलिटिक्स में इंवॉल्व होना भी नहीं चाहती हूं। डॉ. प्रियंका: तुम्हें सही से पता है कि क्या सही है और क्या गलत है। तन्वी: मतलब आप बता दो क्या गलत है। डॉ. प्रियंका: फोटोग्राफ करना, मतलब कुछ भी देखना। तन्वी: हां, वो ओटी वाली फोटोग्राफ। वत्सला मैम का मुझे समझ नहीं आया कि अगर उन्हें उस ईवीएस से भी नाराजगी थी, कि मैंने क्यों किया। डॉ. प्रियंका: नहीं, उन्हें उससे पहले भी तुमसे नाराजगी थी। तन्वी: मुझे मेरे स्पेस में रहना ही पसंद है। मुझे काम करना ही पसंद है। डिस्कलेमरः ये ऑडियो रिकॉर्डिंग तन्वी के पिता ललित मोहन ने दी है। उनका दावा है कि इसमें तन्वी की एचओडी डॉ. प्रियंका से बातचीत है। रिकॉर्डिंग कई जगह अस्पष्ट है। दैनिक भास्कर एप इसकी पुष्टि नहीं करता है। अब पढ़िए…पिता को कॉल करने से लेकर मौत तक का घटनाक्रम मरने से पहले पिता ललित मोहन से 1 घंटे बात की: डॉ. ललित मोहन बताते हैं- 24 मार्च को करीब 9 बजे तन्वी की देहरादून से कॉल आई। बेटी उदास लग रही थी। करीब 1 घंटा बात की। मैंने उसे समझाया कि शांत रहे। तन्वी यही कहे जा रहे थी- पापा अब सहन नहीं हो रहा। परेशान हूं। वो रिकॉर्डिंग अब मैनेजमेंट के सामने रखनी ही पड़ेगी। फिर मैंने कहा- ओके, मैं कल आता हूं। फिर मैनेजमेंट के सामने बात रखेंगे। मां ने बताया-आज तन्वी खाना भी नहीं खाकर गई: पिता आगे बताते हैं- मेरी पत्नी तन्वी के साथ ही देहरादून रह रही हैं। बेटी की पढ़ाई पूरी हो जाए, पूरा परिवार यही सपना देख रहा था। पत्नी का रात को फोन आया, उसने बताया कि तन्वी शाम को करीब 4 बजे निकली, खाना भी खाकर नहीं गई। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में उसकी नाइट शिफ्ट लगी थी। रात 11 बजे मैसेज आया-डेढ़ घंटे तक घर आऊंगी: डॉ.ललित मोहन ने बताया कि उनकी पत्नी के पास रात को करीब सवा 11 बजे तन्वी का मैसेज आया कि वह डेढ़ घंटे बाद घर पहुंचेगी। आमतौर पर तन्वी मां को फोन करती थी। ऐसे में मैसेज आने से मां की चिंता बढ़ गई। उन्होंने अंबाला में पति (ललित मोहन) को फोन करके ये बात बताई। इस पर ललित मोहन ने कहा- मैं अंबाला से देहरादून के लिए निकल रहा हूं। रात ढाई बजे पिता पहुंचे देहरादून, पार्किंग में कार नहीं थी: डॉ. ललित मोहन रात को करीब ढाई बजे देहरादून पहुंचे। मेडिकल कॉलेज-अस्पताल की पार्किंग में तन्वी की कीया-सोनेट कार नहीं खड़ी थी। बेटी की कार न देखकर पिता की चिंता बढ़ी। वह अपनी गाड़ी लेकर इधर-उधर देखने निकले। पेट्रोल पंप की तरफ जा रहे थे तो बेटी की कार खड़ी देखी। मोबाइल टॉर्च से देखा-बेटी बेसुध पड़ी थी: पिता ने बताया कि बेटी की कार देखकर पास गए। अंधेरा होने की वजह से मोबाइल की टॉर्च ऑन कर कार में झांका। अंदर बेटी ड्राइविंग सीट पर बेसुध थे। हाथ पर कैनोला लगा था और करीब 100 एमएल की बोतल लगी थी, जो खाली हो चुकी थी। पत्थर से शीशा तोड़कर बेटी को बाहर निकाला और उसी के मेडिकल कॉलेज-अस्पताल लेकर गए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। ——————
ये खबर भी पढ़ें… लेडी डॉक्टर ने खुद को लगाया जहरीला इंजेक्शन, मौत: देहरादून में कार के अंदर मिली; पिता बोले- टीचर 0 नंबर देती थी जिससे बेटी परेशान थी देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) में एमएस कर रही लेडी डॉक्टर तनवी (26) ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। वह हरियाणा के अंबाला की रहने वाली थी और अपनी मां के साथ देहरादून में किराए के कमरे में रहती थी। उसका शव इंद्रेश अस्पताल के पास कार के अंदर मिला। (पढ़ें पूरी खबर)
देहरादून डॉक्टर सुसाइड केस-HOD ने जमानत की तैयारी शुरू की:बंद कार के अंदर मिली थी बॉडी; पिता बोले- जुलाई में थे फाइनल एग्जाम
