फतेहाबाद जिले की भट्टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूणा की कुर्सी पर गुरुवार को फैसला होगा। आज पंचायत समिति सदस्य तय करेंगे कि ज्योति कुर्सी पर बरकरार रहेगी या उनका पद छीन जाएगा। उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर एडीसी अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में आज दोपहर 12 बजे लघु सचिवालय में मीटिंग होगी। मीटिंग में अगर ज्योति बहुमत पेश नहीं कर सकी, तो उनकी कुर्सी जाना तय है। एडीसी से मिले थे 17 सदस्य ज्योति लूणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर 13 जनवरी को पंचायत समिति भट्टू के कुल 21 सदस्यों में से 17 सदस्यों ने एकजुट होकर एडीसी अनुराग ढालिया से मुलाकात की थी। इन सदस्यों ने चेयरपर्सन ज्योति लूणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर जल्द बैठक बुलाने की मांग रखी थी। हालांकि, अधिकांश सदस्यों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। दुड़ाराम खेमा अनु सरबटा को देना चाह रहा कुर्सी चेयरपर्सन ज्योति लूणा को कुर्सी से हटाने के लिए पूर्व विधायक दुड़ाराम के खेमे में पूरी तैयारियां कर ली है। चेयरपर्सन का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है, इसलिए ज्योति को हटाकर दुड़ाराम उनके स्थान पर अनुसूचित जाति की महिला सदस्य अनु सरबटा को इस पद पर बिठाना चाह रहे हैं। इन 17 सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव पर साइन अविश्वास प्रस्ताव देने वालों में वाइस चेयरमैन बंसी लाल, सदस्य अनु सरबटा, कविता, विनोद गुज्जर, प्रवीन गोदारा, प्रवीन तरड़, राजेश धतरवाल, राजेश शर्मा, नरेश राड़, गोविंद भादू, सुनीता दैय्यड़, बिस्पति देवी, सुरेश कला, उर्मिला सिंवर, सतीश कुमार, विजेंद्र सिंह व मनीता रानी शामिल रहे थे। एक बार कुर्सी बचा चुकी ज्योति लूणा हालांकि, साल 2024 में भी ज्योति लूणा की कुर्सी गिराने के प्रयास हुए थे। मगर उस समय ज्योति अपनी कुर्सी बचाने में सफल हो गई थी। 31 दिसंबर 2024 को अविश्वास प्रस्ताव पर हुई मीटिंग के दौरान सिर्फ ज्योति अकेली ही पहुंची थी। इस कारण उस दौरान उनके खिलाफ बहुमत साबित नहीं हो पाया था। जानिए… क्यों कुर्सी पर आया संकट दरअसल, ज्योति लूणा को साल 2022 में तत्कालीन बीजेपी विधायक दुड़ाराम ने ही चेयरपर्सन बनाया था। मगर धीरे-धीरे दोनों के बीच खटास आ गई। 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान ज्योति लूणा के परिवार ने दुड़ाराम से बगावत कर दी। वह खुले तौर पर कांग्रेस प्रत्याशी बलवान दौलतपुरिया के समर्थन में उतर गए। इससे भट्टू क्षेत्र में दुड़ाराम का ग्राफ घट गया। विधानसभा चुनाव में दुड़ाराम हार गए। इसके बाद से ज्योति लूणा को कुर्सी से हटाने की कोशिशें शुरू कर दी गई। चेयरपर्सन बनने से लेकर कुर्सी गिराने के लिए कब-क्या हुआ
फतेहाबाद में चेयरपर्सन की कुर्सी पर फैसला आज:अविश्वास प्रस्ताव पर मीटिंग, 21 में से 17 सदस्य खिलाफ; अधिकांश के नंबर स्विच ऑफ
