रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में होगा। गौतम सिंघानिया ने अपने मैसेज में लिखा है कि उनके पिता एक दूरदर्शी नेता और समाजसेवी इंसान थे, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। विजयपत सिंघानिया देश की प्रमुख टेक्सटाइल कंपनी रेमंड ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं। विजयपत 2017 से ही बेटे गौतम सिंघानिया के साथ परिवार और संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में थे। गौतम सिंघानिया की X पोस्ट, जिसमें पिता विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की खबर है… विजयपत से जुड़े कुछ फैक्ट्स कभी ब्रिटेन से अकेले प्लेन उड़ाकर भारत आए थे विजयपत एडवेंचर और एविएशन के शौकीन सिंघानिया के लिए आसमान ही सीमा थी। वे एक ऐसे दुर्लभ कॉर्पोरेट लीडर थे जो बोर्डरूम से बाहर भी जोखिम भरे कारनामे करते थे। बिजनेस और एडवेंचर, दोनों ही क्षेत्रों में उन्हें खूब तारीफें मिलीं। भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ और साथ ही ‘तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड’ भी मिला। नवंबर 2005 में जब विजयपत की उम्र 67 साल थी, तब उन्होंने एक हॉट एयर बैलून में लगभग 69000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले 1988 में उन्होंने एक माइक्रोलाइट विमान में लंदन से नई दिल्ली तक 23 दिन में अकेले उड़ान भरकर ‘स्पीड-ओवर-टाइम एंड्योरेंस रिकॉर्ड’ बनाया था। 1994 में भारतीय वायुसेना ने उन्हें 5000 घंटे से ज्यादा की उड़ान के एक्सपीरियंस के कारण ‘मानद एयर कमोडोर’ बनाया, जबकि 2006 में उन्हें मुंबई का ‘शेरिफ’ नियुक्त किया गया। विजयपत ने ‘एन एंजल इन ए कॉकपिट’ टाइटल से किताब भी लिखी थी। बेटे गौतम से संपत्ति का विवाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहा विजयपत सिंघानिया ने 2015 में अपने बेटे को कंपनी की बागडोर सौंपी दी थी। इसके बाद से दोनों के बीच लंबा विवाद चला। 2017 में विजयपत ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने उन्हें जेके हाउस से निकाल दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें किराए के घर में रहते हुए दिखाया गया था। 20 मार्च 2024 को रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने पिता के साथ एक फोटो X पर पोस्ट की थी और लिखा था- ‘आज अपने पिता को घर पर पाकर और उनका आशीर्वाद पाकर खुश हूं। सदैव आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं पापा।’ हालांकि इसके महज 6 दिन बाद ही विजयपत सिंघानिया ने अपने बेटे के साथ सुलह की सभी अटकलों को खारिज कर दिया था। विजयपत ने दावा किया था कि उनके बेटे ने उन्हें जेके हाउस में मिलने के लिए मजबूर किया था। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर भी मकसद के चलते खींची गई थी। अब जानिए विजयपत की कंपनी रेमंड के बारे में… रेमंड भारत का एक भरोसेमंद मेंस वियर ब्रांड है, जिसकी शुरुआत 1925 में ठाणे से हुई थी। पहले यह मिल सेना के लिए वर्दी बनाती थी, लेकिन बाद में इसे आम लोगों तक पहुंचाया गया। विजयपत सिंघानिया के समय कंपनी ने तेजी से तरक्की की और छोटे शहरों तक अपने शोरूम खोले। गौतम सिंघानिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कंपनी को मॉडर्न बनाया। उन्होंने नए फैब्रिक, डिजाइन और टेक्नोलॉजी पर काम किया, जिससे रेमंड की पहचान और मजबूत हुई। आज कंपनी देश के साथ-साथ विदेशों में भी कारोबार कर रही है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी:इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए 19 मार्च की रात रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में स्पीडबोट पलटने से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। उनके प्रवक्ता ने कहा था कि सिंघानिया को मामूली चोटें आईं थीं। पढ़ें पूरी खबर…
रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन:बेटे गौतम ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी; आज मुंबई में होगा अंतिम संस्कार
