समिति को बताया गया कि इसके लिए जरूरी फॉर्म-एक, दो और पांच भरकर डाटा तैयार कर लिया गया है। बाकी फॉर्म अलग-अलग राजस्व अंचलों से मिलते ही भेज दिए जाएंगे।
यह काम सुप्रीम कोर्ट के आदेश और वन संरक्षण कानून के तहत किया जा रहा है। यह मामला पुराने टीएन गोदावरमन केस (1996) और हाल के अशोक कुमार शर्मा केस (मार्च 2025) से जुड़ा है।
बैठक में वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह डाटा जरूरी है, ताकि सुप्रीम कोर्ट और कानून के नियमों का पालन हो सके। इस मौके पर समिति के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें अपर समाहर्ता, जल संसाधन विभाग के अभियंता, जिला विधि शाखा के अधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी शामिल थे।
