प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग, ट्रैफिक नियंत्रण, और नगर निगम व नगर परिषद द्वारा साफ-सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई अव्यवस्था न हो। दुकानदार अजय गुप्ता बताया ने बताया कि हर साल छठ से दो तीन दिन पहले ऐसा ही माहौल होता है। लोग समय रहते अच्छे और मजबूत दउरा-सुपली लेना चाहते हैं। इस बार की बिक्री उम्मीद से ज्यादा हो रही है। एक खरीदार सरिता देवी ने कहा, छठ पूजा हमारे लिए बहुत पावन पर्व है। हम हर साल अच्छे बांस के बने दउरा,सुपली डगरा खरीदते हैं।
इस बार बाजार में काफी विविधता है,देवघर में बने दउरा भी बड़े पैमाने पर बिक रहा है, लेकिन दाम थोड़े ज्यादा हैं। देवघर में बने एक दउरा की कीमत 500 से 700 रूपये है,जबकि स्थानीय कारीगरो द्धारा बनाये दउरा की कीमत 200 से 300 रूपये है। बाजारो में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों को सतर्कता और अनुशासन बनाए रखने की अपील की जा रही है।
