हरियाणा के गुरुग्राम में गुरुवार को एक हृदयविदारक घटनाक्रम हुआ। प्राइवेट कंपनी का सिक्योरिटी गार्ड सुमित गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए बाइक में पेट्रोल भरवाने गया था। लौटते वक्त उसकी बाइक में ट्रक ने टक्कर मार दी। घायल युवक को आसपास के लोग उठाकर अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। उधर, बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे परिवार को इसका पता चला तो दुख का पहाड़ टूट पड़ा। सूचना मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे और बेटे का शव घर लाकर अंतिम संस्कार किया। मगर, इसी दौरान मृतक बेटे की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी। परिवार बेटे के खोने का गम दिल में दबाकर पुत्रवधू को अस्पताल ले गए। जिंदगी के दो क्रूर संयोग देखिए। पहला, बर्थडे के दिन ही बेटे की चिता को पिता को मुखाग्नि देनी पड़ी। दूसरा यह कि एक तरफ दाह संस्कार हो रहा था, उसी पल उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। सुमित अपने नवजात बेटे का मुंह भी नहीं देख पाया। वह सुबह पत्नी से कह रहा था कि शाम को केक कटाएंगे। मगर, किस्मत ने उन्हें जन्मदिन की खुशी नहीं, बल्कि मौत का सदमा दे दिया। इससे पहले दोनों खुशी-खुशी आने वाले बेटे का इंतजार कर रहे थे। अभी तक परिजनों ने उसकी पत्नी को ये भी नहीं बताया कि वह विधवा हो चुकी है और उसके पति की मौत हो चुकी है। सिजेरियन डिलीवरी के कारण उसे सेक्टर-10 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब सिलसिलेवार जानिए कैसे हुआ घटनाक्रम… डेढ़ महीने पहले ही तीसरी एनिवर्सरी मनाई थी: शिकोहपुर गांव के सुमित और प्रियंका ने डेढ़ महीने पहले अपनी शादी की तीसरी वर्षगांठ बड़े उत्साह से मनाई थी। तीन साल पहले 26 फरवरी 2023 को हुई उनकी शादी के बाद यह पहला मौका था जब दोनों ने इतनी खुशी से एनिवर्सरी सेलिब्रेट की। प्रियंका गर्भवती थीं और दोनों आने वाले बेटे का इंतजार कर रहे थे। सुमित ने कहा था कि बेटा होगा तो उसे गोद में लेकर चौथी एनिवर्सरी मनाएंगे। इमरजेंसी के लिए बाइक में पेट्रोल डलवाने गया था: सुमित अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी का समय नजदीक आने के कारण इमरजेंसी के लिए तैयार हो रहा था। इसके लिए वह अपनी बाइक में पेट्रोल डलवाने रविवार 30 मार्च को दोपहर करीब 11 साउथ पेरिफेरल रोड स्थित पेट्रोल पंप गया था, ताकि अगर पत्नी को तेज दर्द हो तो तुरंत अस्पताल ले जा सकें। लौटते वक्त ट्रक ने मारी ट्रक, अस्पताल में दम तोड़ा: पेट्रोल डलवाकर सुमित घर आ रहा था। साउथ पेरिफेरल रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। सुमित गंभीर रूप से घायल हो गए और आधा घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा। राहगीरों ने उसे एसजीटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बुधवार रात करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई। एक तरफ अंतिम संस्कार, दूसरी ओर बेटे का जन्म : बेटे की मौत के बाद परिवार के लोग उसके शव को लेकर घर आ गए और गुरुवार को अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की। इसी बीच सुमित की पत्नी को प्रसव पीड़ा उठने लगी। तुरंत ही उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने बेटे को जन्म दिया। इधर, परिवार के लोगों ने सुमित का अंतिम संस्कार किया। पत्नी पूछ रही सुमित को बुलाओ, परिवार बना रहा बहाने: अब परिवार की ये दुविधा हो गई कि वे सुमित की मौत का मातम मनाए या घर में बेटे के जन्म की खुशी। डिलीवरी से पहले और डिलीवरी के बाद पत्नी सुमित के बारे में पूछ रही है। हर बार जब वह पूछती हैं कि सुमित कहां है? उसे बुलाओ, बेटे को देख लेगा, तो परिवार वाले आंसू पीकर बहाना कर देते हैं। अब जानिए कैसे हुआ था सुमित हादसे का शिकार…. परिजनों का शव लेने से कर दिया था इंकार पोस्टमॉर्टम के बाद जब डेड बॉडी सौंपने की बारी आई, तो परिजन नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस पर जांच में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और डेड बॉडी लेने से इनकार कर दिया था। परिजनों ने मांग की थी कि पहले ट्रक तुरंत कब्जे में लिया जाए, ड्राइवर और मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पुलिस की ओर से एफआई दर्ज होने के बाद ही परिवार ने शव लिया था। खेड़की दौला थाना की तरफ से बताया गया है कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में परिजनों का हंगामा, शव लेने से इनकार:ट्रक की टक्कर से हुई थी युवक की मौत; पुलिस पर लापरवाही का आरोप गुरुग्राम में शिकोहपुर गांव के युवक की तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से मौत हो जाने के बाद परिजनों ने एसजीटी अस्पताल में हंगामा कर दिया। उन्होंने खेड़की दौला थाना पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रात को शव लेने से इंकार कर दिया। सुबह तक परिजन एसजीटी अस्पताल में ही डटे हुए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
गुरुग्राम में जन्मदिन पर दाह-संस्कार, उसी पल पत्नी की डिलीवरी:ट्रक की टक्कर से गई युवक की जान; परिवार दुविधा में- मातम मनाए या खुशी
