यमुनानगर में कन्हैया मित्तल की विवादित टिप्पणियां:युवतियों से बोले- कभी बुर्के वाली न बनें; धर्म बदलने पर लगता पितृ दोष, क्योंकि बाप बदल दिया

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यमुनानगर में तेजली रोड पर श्री श्याम प्यारे परिवार की ओर से आयोजित भव्य श्याम एवं श्री बालाजी संकीर्तन में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अपनी प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरी रात भजनों पर लोग झूमते रहे। संकीर्तन के दौरान कन्हैया मित्तल ने अपने लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। “है मेरे श्याम” जैसे भजनों पर उपस्थित जनसमूह देर रात तक भक्ति में लीन नजर आया। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दुर्गा बनें या काली बनें, लेकिन बुर्के वाली न बनें अपने संबोधन के दौरान कन्हैया मित्तल ने सामाजिक और धार्मिक विषयों पर भी खुलकर विचार व्यक्त किए। कन्हैया मित्तल ने अपने भजनों और संबोधन में पाकिस्तान को घेरते हुए मुस्लिम समाज पर तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने भजन के माध्यम से लड़कियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे “दुर्गा बनें या काली बनें, लेकिन कभी बुर्के वाली न बनें।” इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठिये भारत में नकली आधार कार्ड बनाकर हिंदू बनकर घूम रहे हैं। उन लोगों का टारगेट कोई और नहीं सिर्फ हमारी बेटियां हैं। मित्तल ने कहा कि हमारी बेटियां अब वह बेटियां नहीं रही जोकि सिर्फ घरों में खाना बनाती हैं। जब पाकिस्तान भारत में आतंकवादी भेजता है तो पाकिस्तान को फोड़ने के लिए यही बेटियां भेजी जाती हैं। धर्म बदलने पर लगता पितृ दोष, क्योंकि बाप बदल दिया संकीर्तन के दौरान मंच पर एक सिख श्रद्धालु आए तो कन्हैया मित्तल ने उन्हें सम्मानित करते हुए कहा कि हम खुशकिस्मत हैं कि सिख हमें बड़े भाई की तरह मिले हैं। मैं मस्जिद और चर्च नहीं जाता, लेकिन जब भी गुरुद्वारा देखता हूं तो दिल और जान वारता हूं। क्योंकि मंदिर में जैसे में श्याम बसते हैं वैसे ही गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं। कन्हैया मित्तल ने कहा कि हमारे पितृ तब तक नाराज नहीं होते जब तक हम अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में नहीं चले जाते। अगर हमने हमने अपना धर्म छोड़कर मजारों पर माथा टेका है तो उसे पितृ दोष लगता ही लगता है, क्योंकि उसने अपना बाप बदल लिया है। जब तब एक के साथ रहोगो पितृ दोष लग ही नहीं सकता। इस दौरान उन्होंने जय हो पितृ देव के उद्घोष भी लगावाए। उनके संकर्तीन में आते हैं कट्‌टर हिंदू कन्हैया मित्तल ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि आज जहां पर जाते हैं वहां इतनी भीड़ क्यों आती है। इस पर जवाब दिया कि बाकि जगह सिर्फ हिंदू आते हैं लेकिन उनके यहां कट्‌टर हिंदू आते हैं। संकर्तीन के दौरान भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। बीच-बीच में मित्तल सामाजिक मुद्दों पर लगातार बात करते रहे।