आशीष शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती, तो वह माननीय अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा, “सच को दबाया नहीं जा सकता। राजनीतिक दबाव में आपने झूठी कार्रवाई तो कर दी, लेकिन हमीरपुर की देवतुल्य जनता के आशीर्वाद से मैं और मेरा परिवार ऐसी एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। महादेव और जनता के आशीर्वाद के साथ भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी जाएगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके क्रशर पर जाकर संपत्ति के साथ छेड़छाड़ और लूट की गई। सीसीटीवी की हार्ड ड्राइव भी जब्त कर ली गई ताकि तथ्यों को मिटाया जा सके। प्रेस नोट में चार टिपर, एक पोकलेन, दो जेसीबी और एक मिक्सर जब्त करने की बात कही गई, जबकि सीसीटीवी फुटेज में यह सभी वाहन खड़े नजर आ रहे हैं और मौके पर केवल दो कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में अवैध खनन कैसे हो सकता है, जबकि क्रशर पर मौजूद सामग्री पहले से वहां पड़ी थी और उसका पूरा रिकॉर्ड खनन विभाग के पास है।
आशीष शर्मा ने कहा कि बीते डेढ़ साल से सत्ता पक्ष उन पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने का दबाव बना रहा है, लेकिन आज तक कोई सबूत पेश नहीं कर सका। “सत्ताधारी केवल जनता को गुमराह करने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। मैं राजनीति में जनसेवा के लिए आया हूं, लेकिन यह लोग राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि महादेव और जनता के आशीर्वाद से वह बिना डर और दबाव के इस लड़ाई को अदालत में लड़ेंगे और सच्चाई सबके सामने लाएंगे।
