भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई और काफी विरोध स्वरूप काफी आक्रामक दिखाई दी। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान की राष्ट्रव्यापी शुरुआत की। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हरियाणा के प्रभारी बी के हरिप्रसाद ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जिसे वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था, एक ऐतिहासिक कानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष कम से कम 100 दिनों का रोजगार का कानूनी अधिकार देता है। यह कानून न केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीबों की जीवन रेखा की तरह है। उन्होंने बताया किसकी विरोध स्वरूप हाई कमान की दिशा निर्देशानुसार हर स्तर पर आंदोलन करेंगे। एक दिन का उपवास करेंगे कार्यकर्ता हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राव ने जानकारी देते हुए बताया की हमारे मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पीसीसी स्तर की तैयारी बैठकें होगी, जिला स्तरीय प्रेस वार्ता की जाएगी ,एक दिन से उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध किया जाएगा, पंचायत स्तर पर भी जनसंपर्क साध कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वार्ड स्तर पर शांतिपूर्वक धरना होगा। उन्होंने बताया इस प्रकार जिले में भी जिला स्तरीय मनरेगा बचाव धरना होगा, फिर राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव होगा, क्षेत्रिय स्तर पर जागरूकता के लिए रैलियां की जाएगी। उन्होंने कहा इस अभियान के तहत कांग्रेस हर उसे पीड़ित तक पहुंचाने का प्रयास करेगी जो मनरेगा के स्वरूप बदले जाने से प्रभावित है। यहां पढ़िए किस नेता ने क्या कहा… राव नरेंद्र बोले- मनरेगा को कमजोर कर रही सरकार हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्भाग्यवश, मौजूदा सरकार द्वारा पिछले 5–6 वर्षों से मनरेगा को कमजोर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण रोजगार को सुनिश्चित करने और मनरेगा के मूल उद्देश्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा “मनरेगा बचाओ अभियान” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से हम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार का साधन ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं वंचितों, गरीबों का जीवन स्तर को सुधारने का एक सशक्त औज़ार भी है। हुड्डा बोले- मनरेगा के स्वरुप को नहीं बदलने देंगे पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फंड में कटौती, भुगतान में देरी, काम के दिनों में कमी और मनमाने प्रतिबंधों के कारण गरीब, दलित, आदिवासी, महिलाएं और अन्य वंचित वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। विभिन्न सरकारी रिपोर्टों के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत से अधिक मनरेगा मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है। आने वाले समय में इसकी भयंकर दुष्परिणाम सामने आएंगे। ग्रामीण रोजगार को सुनिश्चित करने और मनरेगा के मूल उद्देश्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा “मनरेगा बचाओ अभियान” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से हम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। सुरजेवाला बोले- गरीबों के मुंह से निवाला छीन रही सरकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने अपने वक्तव्य में बताया कि भाजपा सरकार किसी न किसी बहाने से आमजन को परेशान करने में लगी है। मनरेगा का मूल स्वरूप बदलकर यह भ्रष्ट लोग ग्रामीण, गरीब, वंचित, महिला एवं जरूरतमंदों के मुंह से निवाला छीनने के प्रयास में है। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा योजना का स्वरूप बहुत सोच समझकर तैयार किया था ताकि इससे ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था में सुधार आ सके, महिलाओं को अपने घर के पास ही रोजगार उपलब्ध हो सके, ताकि महिलाओं को काम की तलाश में भटकना न पड़े, लेकिन भ्रष्ट भाजपा सरकार को यह बर्दाश्त नहीं है की कोई दो जून की रोटी कमा खा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की इस मंशा को हम कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे और मनरेगा की रक्षा के लिए हर बड़े से बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार रहेंगे। दीपेंद्र बोले- ये तानाशाही इस मौके पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मनरेगा योजना को खत्म करना भाजपा की तानाशाही का जीता जागता प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ नाम बदलने का नहीं है, बल्कि योजना का स्वरूप बदलकर जरूरतमंदों के अधिकारों एवं हक को छीनने का एक असफल प्रयास है। कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस प्रयास को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सभी को अनुरोध किया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भाग लें और मनरेगा के माध्यम से गरीबों को उनका हक दिलाने की लड़ाई को आगे बढ़ाएँ। इस कार्यक्रम के दौरान हरियाणा में होने जा रहे तीन जिलों के नगर निगम चुनाव को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
हरियाणा में मनरेगा को लेकर सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस:स्टेट लेवल मीटिंग में फैसला; एक सुर में नेता बोले- सरकार को मूल स्वरूप बदलने नहीं देंगे
