सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर अंचल की अंद रूनी क्षेत्रों के कई गाड़ियों पर फास्टेक नहीं लगे। वाहन जब वे टोल पर जाते है तो डबल चार्ज के साथ साथ डबल शुल्क लेते है और उनसे बतमीजी से पेश आते हैं जो कि कतई बर्दाशत नहीं किया जायेगा। टोल ठेकेदारों द्वारा टोल पर भी बाहरी राज्यों के कामगरो से टोल संचालन के साथ-साथ दंबगई भी की जाती है। जगदलपुर से बढ़ईमुद्धा टोल नाका की दुरी 12 कि.मी पर हैं, परन्तु शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से लगे 20 कि.मी के दायरे में आने वाले सभी सीजी 17 के गाड़ियों से पैसा लिया जाता है, जो कि न्याय संगत नहीं हैं ।परिवहन व सडक मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस विषय पर साफ कहा कि टोल प्लाजा के बीच की न्युनतम दुरी 60 किलोमीटर होनी चाहिए । वहीं कुम्हारी टोल पर भी सीजी4 व 7 से टोल नहीं लिया जाता हैं। उसी तरह से यहा पर भी सीजी 17 की गाडियों को टोल फ्री किया जाए।
उन्होंने कहा कि टोल टैक्स का शुल्क तो लिया जा रहा है, परन्तु रायपुर तक खासकर कई जगहों पर सड़क बेहद खराब भी है। वह कब तक बन जायेगा या तो तब तक कोई भी टोल को चारामा के आगे जगतरा टोल या मसोरा टोल नाका को नि:शुल्क किया जायें। एनएचआईए के अनुरूप टोल शुल्क लेने के बाद जो सुविधायें जैसे एम्बुलेन्स व अन्य सुविधायें मिलनी चाहिए वो अप्राप्त हैं। अतःकांग्रेस की मांग है कि इस विषय पर ठोस कार्यवाही करें अन्यथा 7 दिनों बाद कांग्रेस पार्टी टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन एवं नाका बंदी करने पूर्णतः बाध्य होगी।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, उपनेता कोमल सेना, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, ग़ौरनाथ नाग, सुषमा सुता, पार्षद सूर्यापानी, जस्टिन भवानी, ललिता राव, शुभम् यदु, एस नीला, खीरेंद्र यादव मौजूद रहे।
