प्रधानमंत्री ने लोकसभा में पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के सशक्त, सफल और निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जारी विशेष चर्चा में आज भाग लिया। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में ही यह संभव हुआ है कि भारत मेक इन इंडिया के तहत विकसित हथियारों से लैस होकर इस प्रकार की कार्रवाई करने की स्थिति में आया है। ऑपरेशन सिंदूर मेक इन इंडिया की ताकत का उदाहरण है। इसके कारण आज दुनिया में भारत का रक्षा क्षेत्र में डंका बज रहा है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के शासन के दौरान सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के संबंध में सोचा तक नहीं जाता था, आज भी आत्मनिर्भर शब्द का मजाक उड़ाया जाता है। हर रक्षा सौदे में कांग्रेस अपने मौके खोजती थी। हर छोटे छोटे हथियारों के लिए विदेशों पर निर्भरता, ये इनका कार्यकाल रहा है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के काल में भारत को छोटे-छोटे हथियारों के लिए भी विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर रहना पड़ता था। शोध और तकनीकी विकास के रास्ते जानबूझकर बंद कर दिए गए थे। पिछले एक दश के प्रयासों से स्थिति बदली है। आज भारत ने रक्षा उत्पादन में 250 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और निर्यात 30 गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सैन्य रिफोर्म भी उनकी सरकार में किए गए। सीडीएस की नियुक्ति इसका बड़ा उदाहरण है। सेनाओं ने भी इसे दिल से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आज निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है। सरकारी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
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