इस निर्णय को लागू करने के लिए शनिवार को गांव की सभी दुकानों, ठेलों और सार्वजनिक स्थलों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए। ग्रामीणों ने इस फैसले का स्वागत किया है, और इसे सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है। ग्राम पंचायत नैमेड़ का यह प्रयास अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन सकता है, जहां नशे की समस्या एक चुनौती बनी हुई है। पंचायत ने ग्रामीणों से इस पहल में सहयोग करने की अपील की है, ताकि गांव को नशा-मुक्त और स्वस्थ समाज की ओर ले जाया जा सके।
एक सितंबर से नैमेड़ पंचायत में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
