प्रखंड के लगभग 12 पंचायतों में करीब पचास हजार की आबादी पिछले पखवाड़े से बाढ़ से प्रभावित है। कई इलाकों में पानी घरों में घुस गया है, जिससे विद्यालयों की पढ़ाई ठप हो गई है और यातायात बाधित है। प्रभावित स्थलों पर किचन के लिए जगह साफ-सुथरी की जा रही है।
एसडीओ ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को कंटेनरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही अस्थायी सिमेंटेड और चलंत शौचालय बनाए जा रहे हैं, ताकि विशेषकर महिलाओं को परेशानी न हो। मवेशियों को बरसाती बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण कार्य भी शुरू हो गया है।
बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए पोल और तार लगाए जा रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य रक्षा शिविरों में पीड़ितों का इलाज जारी है। एसडीओ अनुपम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा और राहत प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
