हरियाणा के 3 जिलों में सबसे ज्यादा बढ़ेंगे कलेक्टर रेट:एक अप्रैल से रिवाइज; 5% तक बढ़ोतरी, सालभर में ₹13,099 करोड़ की कमाई

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हरियाणा में करीब 9 महीने बाद एक बार फिर कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार 1 अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए प्रदेश की 143 तहसीलों और उप-तहसीलों में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इस बार जिन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त ज्यादा हो रही है, वहां कलेक्टर रेट में अधिक बढ़ोतरी की संभावना है। खासतौर पर सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि कुछ व्यावसायिक इलाकों में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है। जनता पर बढ़ेगा स्टांप ड्यूटी का बोझ कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी उसी के आधार पर बढ़ते हैं। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सरकार को बढ़ोतरी से पहले इसके प्रभावों पर विचार करना चाहिए। राजस्व में लगातार बढ़ोतरी पिछले तीन वित्तीय वर्षों में राज्य के राजस्व में लगातार इजाफा हुआ है। 2023-24: स्टांप ड्यूटी से 8882.67 करोड़, रजिस्ट्रेशन से 600.28 करोड़ रुपए सरकार ने कमाए। 2024-25: स्टांप ड्यूटी से 10312.66 करोड़, रजिस्ट्रेशन से 667.39 करोड़ रुपए सरकारी खजाने में बढ़ोतरी हुई। वहीं 2025-26: स्टांप ड्यूटी से 12322.04 करोड़, रजिस्ट्रेशन से 777.31 करोड़ रुपए का राजस्व आया। पहले भी हो चुका विरोध पिछली बार कलेक्टर रेट बढ़ाने के फैसले पर काफी विरोध हुआ था। सरकार का दावा था कि रेट स्लैब के हिसाब से बढ़ाए गए हैं, जिससे अलग-अलग श्रेणियों की संपत्तियों पर अलग प्रभाव पड़े। राज्य सरकार ने सभी तहसीलों में कलेक्टर रेट से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नए रेट 1 अप्रैल से लागू करने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ोतरी को संतुलित रखा जाएगा ताकि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।