मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ठाकरे ने अनुशासन और सेवा-भाव को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उनका नेतृत्व न केवल राजनीतिक जीवन में, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अनुकरणीय रहा। वे संगठन, समर्पण और स्वच्छ छवि के प्रतीक थे, जिन्होंने जनसेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी को ठाकरे के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सेवा और जनकल्याण को अपने जीवन का संकल्प बनाना चाहिए।
