मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। सीएम ने लगाया विधायक के भाषण पर ब्रेक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर भाजपा विधायक का भाषण रोक दिया और अपना संबोधन शुरू कर दिया। सीएम उज्जैन जिले के खाचरोद पहुंचे थे। हुआ यूं कि सीएम कुछ जल्दी में थे, उन्हें जबलपुर में आयोजित वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में शामिल होना था। लेकिन मंच पर संबोधित कर रहे नागदा-खाचरोद विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान बोलते ही जा रहे थे। रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। फिर क्या था, सीएम अपनी जगह से उठे और मंच के दूसरी ओर रखे डायस पर पहुंच गए और भगवान महाकाल का जयकारा लगाकर अपना संबोधन शुरू कर दिया। उन्होंने विधायक के लिए तालियां भी बजवाई। लेकिन दूसरी ओर विधायक अपनी मांगें रखते रहे। मंच पर बना ये सीन देख पंडाल में ठहाके गूंजने लगे। बाद में सीएम ने विधायक की तारीफ की और अपने संबोधन को आगे बढ़ाया। अब विधायक के भाषण पर लोग कह रहे हैं कि वे नेता जो ठहरे। सामने जनता और माइक हाथ में हो तो कोई भला क्यों रुकेगा। जीतू पटवारी को दी पढ़ने-लिखने की नसीहत
सीएम डॉ. मोहन यादव ने खाचरोद में ही मंच से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पढ़ने-लिखने की नसीहत दे डाली। दरअसल, सीएम हाल ही में रतलाम जिले के जावरा पहुंचे थे। वहां उन्होंने विधायक राजेंद्र पांडे की जावरा को जिला बनाने की मांग पर मजाकिया अंदाज में बताया था कि अब तो मेट्रोपॉलिटन सिटी आपके पास आ गई है। सीएम ने विधायक से जावरा से इंदौर और उज्जैन की दूरी पूछी। फिर 185 किलोमीटर दूर इंदौर और 102 किलोमीटर दूर उज्जैन को लेकर कहा कि ये दोनों शहर अब यहां 20 किलोमीटर दूर भी नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर तंज करते हुए कहा था कि दूरी कम करने की कौन सी टेक्नोलॉजी सीएम के हाथ लग गई। इस पर तो ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे संस्थानों को भी शोध करना चाहिए। इसके पलटवार में सीएम ने कहा- कांग्रेस के नेता, अध्यक्ष ये कह रहे हैं कि कहां इंदौर-उज्जैन यहां ले आओगे। अब उनको कौन समझाए कि मेट्रोपॉलिटन का तुम अर्थ नहीं समझते तो मैं क्या करूं, पढ़-लिख लिया करो, समझ लिया करो यार। मंच पर बदली सीएम और केंद्रीय मंत्री की सीटिंग
जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के मंच पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई की जुबान फिसल गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मोहन भागवत कह दिया। हालांकि फौरन गलती सुधारी और मोहन यादव कहकर संबोधित किया। कार्यक्रम के मंच पर अतिथियों की सीटिंग भी बदली गई। हुआ यूं कि सीएम मोहन यादव जगदगुरु रामभद्राचार्य के बाईं ओर उनके पास बैठे थे। सीएम के पास केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बैठे थे। फिर मंत्री राकेश सिंह उठकर आए और सीएम से बात की। इसके बाद सीएम अपनी कुर्सी से उठकर रामभद्राचार्य के दाईं ओर उनके पास बैठ गए। जबकि सीएम जहां बैठे थे वहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह बैठ गए। ये सब देखकर लोग पूछ रहे हैं कि पहले से सीटिंग अरेंजमेंट नहीं था क्या..? केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने निकाला गन्ने का जूस
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोल्हू से गन्ने का रस निकाला। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान नए साल पर महाराष्ट्र के शनि शिंगनापुर में दर्शन के लिए गए थे। वहां उन्होंने ‘मामा रसवंती’ नाम की दुकान पर गन्ने का जूस पिया। उनके साथ पत्नी साधना सिंह भी थी। शिवराज सिंह कोल्हू के पास बैठ गए और खुद गन्ने का जूस निकाला। ये देखकर साधना सिंह ने कहा- ये जूस मुझे पिलाना। इसके बाद वहां तालियां बजने लगी। इसका वीडियो भी सामने आया है। शिवराज सिंह ने दुकानदार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- कैलाश भाई के साथ हम मामा रसवंती पर खड़े हैं। हर एक जनवरी को यहां जूस पीते हैं। आज हमने गन्ने का जूस निकाला भी है। ये कैलाश जी का और पूरे परिवार का प्रेम है, जिसने मामा को बांध लिया है। और दुकान का नाम भी मामा रसवंती है। प्रेम का ये रस बरसता रहे। ये भी पढ़ें –
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सीएम ने बीच में रोका भाजपा विधायक का भाषण:मंच पर बदली मुख्यमंत्री की कुर्सी; शिवराज ने कोल्हू से निकाला गन्ने का जूस
