91 हस्तियों को CM ने दिए भास्कर प्राइड अवार्ड:डॉ. मोहन यादव बोले- साउथ के राज्यों की आर्थिक स्थिति खराब, वहां की एजेंसियां एमपी आ रहीं

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भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सीएम डॉ. मोहन यादव ने दैनिक भास्कर प्राइड ऑफ मध्य प्रदेश अवार्ड 2025 (सीजन-5) कला, संस्कृति, खेल, शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित विभिन्न क्षेत्रों की 91 हस्तियों को सम्मानित किया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हाल ही में उनसे मिलने दक्षिण भारत से आए कुछ प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि उनके राज्यों में वित्तीय दबाव के कारण भुगतान में देरी हो रही है, जबकि मध्य प्रदेश में टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी है और भुगतान तय समय पर होता है। यही कारण है कि अब बड़ी एजेंसियां यहां काम करने को प्राथमिकता दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गठन के साथ ही नियम कानूनों को सरल बनाने, प्रक्रियाओं को पारदर्शी करने और गुणवत्ता आधारित काम पर फोकस किया। इसका असर यह हुआ कि आज सड़क, पुल, बांध और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां मध्य प्रदेश में निवेश और काम के लिए आगे आ रही हैं। हर क्षेत्र की प्रतिभा का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रगति में केवल सामाजिक क्षेत्र ही नहीं, बल्कि व्यापार, उद्योग, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में काम करने वालों की भी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत हुए बिना कोई भी समाज या राज्य पूर्ण नहीं हो सकता। आर्थिक मजबूती के बिना अधूरा विकास सीएम ने कहा जब तक कोई राज्य या समाज आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगा, तब तक उसका विकास अधूरा रहेगा। सामाजिक क्षेत्र की भूमिका अहम है, लेकिन आर्थिक पक्ष उतना ही जरूरी है। 5 साल में बजट डबल करने का लक्ष्य
सीएम ने कहा- हमने तय किया है कि आने वाले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश का बजट लगभग दोगुना किया जाएगा, ताकि योजनाओं के साथ-साथ राज्य की समग्र प्रगति भी तेज हो सके। हमने अपने संकल्प पत्र में हर लोकसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज देने की बात कही थी। जिसे तय समय से पहले पूरा किया गया। अब 2028 तक हर जिले में मेडिकल कॉलेज देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब देश कठिन दौर से गुजरा, तब सुशासन और साहसिक निर्णयों के उदाहरण सामने आए। विक्रमादित्य ने शकों को परास्त कर नवरत्नों की परंपरा को स्थापित किया। राजा भोज स्वयं बहुमुखी प्रतिभाओं से संपन्न शासक थे। भोज पत्र पर लिखी उनकी कृतियां आज भी उपलब्ध हैं, जो प्रदेश के हजार साल पुराने गौरवशाली अतीत की साक्षी हैं। कालिदास से वराह मिहिर तक, उज्जैन रहा ज्ञान का केंद्र
सीएम ने कहा कि विक्रमादित्य ने महाकवि कालिदास को कश्मीर से उज्जैन बुलाकर यहां बसाया। वराह मिहिर जैसे महान खगोल शास्त्री भी उसी परंपरा के स्तंभ रहे। यह परंपरा आगे चलकर मुगल काल में अकबर द्वारा भी अपनाई गई, जहां विद्वानों को शासन का आधार बनाया गया। मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र अपनी खुशबू के साथ भारत को नई पहचान दे रहा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर मजबूती से खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई प्रभावशाली चेहरे हैं, लेकिन जो निडरता से देशहित में बड़े फैसले लेने का साहस रखता है, वह चेहरा नरेंद्र मोदी का है। उन्होंने कहा कि जहां अन्य वैश्विक नेता सत्ता में बने रहने के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने विविधताओं से भरे लोकतांत्रिक देश में अपनी लोकप्रियता बरकरार रखते हुए तीसरे कार्यकाल की ओर बढ़कर जनता के विश्वास का नया प्रतिमान रचा है। राम मंदिर पर फैसला न्यायपालिका और लोकतंत्र की जीत
डॉ. मोहन यादव ने राम मंदिर मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला 75 वर्षों तक लंबित रहा, लेकिन जब न्यायालय ने निर्णय दिया, तो दोनों पक्षों ने उसे स्वीकार किया। उन्होंने मुस्लिम पक्ष का भी आभार जताया, जिन्होंने न्यायालय के निर्णय को खुले मन से स्वीकार किया। इसे उन्होंने न्यायपालिका और लोकतंत्र दोनों की जीत बताया। तीन तलाक और आपातकाल का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक जैसे मामलों में पहले भी न्यायालय के निर्णय आए, लेकिन उन्हें लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र का काला अध्याय था, जब न्यायालय के निर्णय के बाद देश पर आपातकाल थोपा गया। हर क्षेत्र की प्रतिभा का सम्मान जरूरी
सीएम ने कहा कि खेल, संस्कृति, शिक्षा, चिकित्सा, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक सेवा या कोई भी क्षेत्र देश के विकास से अलग नहीं है। केवल आडंबर नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती भी समाज के लिए आवश्यक है। हमारे शास्त्रों में कहा है कि व्यक्ति सैकड़ों हाथों से कमाई करता है और हजारों हाथों से समाज से जुड़ता है। भास्कर दुनिया का एकमात्र संस्थान जो हर चीज में पॉजिटिविटी खोजते हैं
दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर सतीश सिंह ने कहा कि जब दैनिक भास्कर की बात होती है तो उसके साथ ये बात जोड़ी जाती है कि वो सारी बात बेधड़क तरीके से रख देता है। सच्ची बात बेधड़क का जो स्लोगन है उसे कई बार नेगेटिव सेंस में भी काउंट किया जाता है कि ये तो नेगेटिव होते जा रहे हैं। दैनिक भास्कर दुनिया का एकमात्र संस्थान है जिसने मंडे पॉजिटिव यानी एक दिन सकारात्मक खबरों के लिए चुना। इसे इतना अच्छा रिस्पांस मिला कि हमने तय किया कि सातों दिन के लिए एक पॉजिटिव सेगमेंट बिल्ड करेंगे। सातों दिन अखबार की शुरुआत सकारात्मकता के साथ करेंगे। इस पॉजिटिव यात्रा के पड़ाव में तमाम मंचों पर जो सकारात्मक काम करते दिखे हमारे साथियों ने उन्हें पहचाना। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में अच्छा काम करने वाले लोगों को आगे बढ़ाना और मंच उपलब्ध कराना है। एमपी की रीजनल समिट को केंद्रीय नेतृत्व ने सराहा
दैनिक भास्कर के सीओओ सुमित मोदी ने कहा कि यह मंच केवल सम्मान का मंच नहीं, बल्कि मप्र के परिश्रम और भविष्य का मंच है। मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के सबसे बड़े गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं। यह साधारण से असाधारण की ओर चलने वाली यात्रा है। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की यात्रा की शुरुआत की। आज मध्य प्रदेश जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है उसके पीछे मुख्यमंत्री का विजन और मजबूत लीडरशिप साफ दिखाई देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात में शुरू की गई इन्वेस्टर्स समिट की नई सोच पेश की। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रीजनल समिट का नया मॉडल शुरू हुआ। केंद्रीय नेतृत्व ने उसकी सफलता को सराहा और सभी राज्यों में उसे लागू करने की बात कही। इन्हें मिले दैनिक भास्कर प्राइड अवॉर्ड 2025