यूपी में फिर से मौसम बिगड़ने वाला है। पूर्वांचल के कई जिलों में बादल छाए हैं। यहां बारिश के साथ आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा। बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अगले 4 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। प्रदेश में शनिवार को कुछ जिलों को छोड़कर सुबह से ही मौसम साफ रहा। गोरखपुर समेत 5 शहरों में हल्का कोहरा छाया रहा। बाकी जिलों में तेज धूप खिली। तेज हवा की वजह ने हल्की ठंड का एहसास कराया। पिछले 24 घंटे की बात करें तो बांदा में न्यूनतम तापमान सबसे कम 9.2°C रिकॉर्ड किया गया। गाजीपुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 31.5°C किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने कहा- फिलहाल यूपी में किसी बड़े वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में हल्की बारिश के बाद मौसम के शुष्क और साफ होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में दिन में हल्की गर्माहट बनी रह सकती है, जबकि रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। गर्मी से फसलों को होगा नुकसान बीएचयू के कृषि विभाग के प्रोफेसर पीके सिंह कहते हैं- मार्च महीना किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने का असर रबी की फसल पर पड़ेगा। खासतौर गेहूं पर। गर्मी से दाने पूरी तरह विकसित नहीं होंगे। इससे पैदावार कम होगी।। पीके सिंह के अनुसार, गर्म हवाएं चलने से सरसों, चना और मटर जैसी फसल को भी नुकसान हो सकता है। बढ़ते तापमान से खेतों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे सिंचाई का खर्च बढ़ता है। फसलों पर तनाव पड़ता है। अब तक कैसा रहा मौसम अब पढ़िए कब से भीषण गर्मी पड़ेगी और कितना पहुंचेगा पारा 1- मार्च के पहले हफ्ते से गर्मी की शुरुआत
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव कहते हैं- मार्च के पहले हफ्ते से मौसम पूरी तरह बदलने लगेगा और गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। दिन और रात, दोनों के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मार्च के आखिरी हफ्ते तक यूपी के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 2- मई-जून में 42 से 45 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
मनोज श्रीवास्तव कहते हैं- अप्रैल में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मई-जून में कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि केवल दिन ही नहीं, रात के समय भी गर्मी से राहत कम मिलेगी और उमस बनी रहेगी। हालांकि, यह काफी हद तक अल नीनो की स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर अल नीनो की स्थिति बनी रहती है या मजबूत होती है, तो गर्मी की हालत और ज्यादा गंभीर हो सकती है। 3- हीट वेव ज्यादा दिनों तक चलेगी
यूपी समेत देशभर में मार्च से मई के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इसमें सिर्फ मार्च महीने में पूरे देश में अधिकतम और न्यूनतम, दोनों तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। साथ ही, हीट वेव के दिनों की संख्या भी सामान्य से ज्यादा रहेगी। सिर्फ पूर्वोत्तर भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्र में आने वाले महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में हीट वेव के दिन सामान्य रहेंगे। 4- गर्मी से फसलों को होगा नुकसान
बीएचयू के कृषि विभाग के प्रोफेसर पीके सिंह कहते हैं- मार्च महीना किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने का असर रबी की फसल पर पड़ेगा। खासतौर गेहूं पर। गर्मी से दाने पूरी तरह विकसित नहीं होंगे। इससे पैदावार कम होगी।। पीके सिंह के अनुसार, गर्म हवाएं चलने से सरसों, चना और मटर जैसी फसल को भी नुकसान हो सकता है। बढ़ते तापमान से खेतों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे सिंचाई का खर्च बढ़ता है। फसलों पर तनाव पड़ता है। 5- समय से पहले बढ़ती गर्मी, हालात और बिगड़ेंगे
लखनऊ यूनिवर्सिटी के भू-विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष ध्रुवसेन सिंह के अनुसार, साल 2026 में समय से पहले गर्मी बढ़ गई है। हीट वेव की घटनाएं ज्यादा बार और लंबे समय तक हो सकती हैं। शहरी इलाकों में अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट के कारण हालात और गंभीर हो सकते हैं। ये सभी कारण मिलकर तापमान को लगातार ऊपर की ओर धकेल रहे हैं। —————– ये भी पढ़िए- फर्जी डिग्री से कमाई का 60% कमीशन यूनिवर्सिटी ले रहीं:कानपुर का ठग 4 देशों के राष्ट्रपति से मिला, 9 राज्यों तक कैसे फैला सिंडिकेट कानपुर में बिना परीक्षा दिए मार्कशीट और डिग्रियां दिलाने वाला सिंडिकेट पकड़ा गया। मास्टर माइंड मैथ टीचर शैलेंद्र से पुलिस ने बंद कमरे में पूछताछ की। जो कुछ सामने आया, वो बेहद चौंकाने वाला था। बीटेक, बी. फार्मा, एलएलबी की डिग्रियां दिलाने वाला सिंडिकेट सिर्फ 40% कमीशन पर काम करता था। पूरी खबर पढ़िए
पूर्वांचल में बादल छाए, बारिश का अलर्ट:दिन का पारा 31°C तक पहुंचा, पहाड़ों पर बर्फबारी से रात ठंडी
