यूपी के मौसम में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह लखनऊ, मेरठ, आगरा समेत 10 जिलों में बादल छाए हुए हैं। जबकि 30km की रफ्तार से हवांए चल रही हैं। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में गरज चमक और कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से मौसम में बदलाव होगा। पिछले हफ्ते शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर मार्च के अंत तक जारी रहेगा। गरज-चमक के साथ बारिश होगी। कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। आंधी भी चलेगी। हालांकि, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। इससे तापमान में 5°C तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रयागराज सबसे गर्म रहा, यहां अधिकतम तापमान 36.4°C रहा। सबसे कम तापमान अयोध्या में 14°C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- उत्तरी पाकिस्तान से आ रहा पश्चिमी विक्षोभ आज यूपी के पूर्वांचल के रास्ते प्रवेश करेगा। इससेबूंदाबांदी की शुरुआत होगी। धीरे-धीरे इसका असर पूर्वी यूपी तक पहुंचेगा। 29 मार्च को दूसरा विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। 40-50 की रफ्तार से हवा चलेगी। ठंड का एहसास होगा। मौसम की 3 तस्वीरें देखिए… अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों?
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। अगले 2 से 3 दिन बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। इसका सीधा असर यूपी में दिखेगा। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं ठंड का एहसास कराएंगी। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ेगा। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं। दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें। सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं पिछलों दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि और आगामी अलर्ट के बीच जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है।
लखनऊ समेत 10 जिलों में बादल छाए:30Km की रफ्तार से चल रही हवाएं, प्रदेश के 38 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
