श्रमिकों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खदान में कोयले को बाहर निकालने के लिए बारूद बिछाया गया था। इसी दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण अचानक बारूद में स्वतः विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज़ था कि आसपास काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार आठ घायल मजदूर इलाज के लिए दाखिल कराये गए हैं। स्थानीय सूत्रों और श्रमिक संगठनों का आरोप है कि यह हादसा एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए हैं। अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। घायलों की हालत को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
