जिन बच्चों में होती है हकलाहट की दिक्कत, पहाड़ों में उन्हें चटाया जाता है ये खास रस! जानिए खासियत

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Traditional Remedies for Speech Delay: पहाड़ों में सदियों से चले आ रहे पारंपरिक घरेलू नुस्खे आज भी लोगों के जीवन में अपनी जगह बनाए हुए हैं. शंखधारा का रस, जिसे स्थानीय भाषा में शंखधारा चूख कहा जाता है, बच्चों की वाणी और उच्चारण में सुधार के लिए पहाड़ी समाज में पीढ़ी दर पीढ़ी प्रयोग किया जाता रहा है. यह न केवल उपचार का तरीका है, बल्कि पहाड़ी संस्कृति और विश्वास का प्रतीक भी है.