जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया कि अध्यापकों की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। जिला प्रधान जितेंद्र बैनीवाल ने कहा कि अध्यापकों की विभिन्न समस्याओं जैसे एसीपी, मेडिकल, मुख्य शिक्षक पदोन्नति, वरिष्ठता सूची जारी नही की जा रही है। अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य लिए जा रहे हैं। पूर्व जिला प्रधान रूपेंद्र गोयत ने बताया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 और नई शिक्षा नीति में साफ -साफ लिखा है कि प्राथमिक शिक्षक को कक्षा से दूर ना किया जाए लेकिन अधिकारियों को तो अपने नियम कानून चलाने है और प्राथमिक शिक्षकों पर ऐसे ही गैर शैक्षणिक कार्य थौंपने हैं।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व सदस्य राजेश खरब ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों को इस प्रकार विद्यालयों से दूर करना गरीब बच्चों की पढ़ाई को छीनना है और बड़े-बड़े निजी विद्यालयों को लाभ पहुंचाना है। महासचिव अश्वनी नैन ने कहा कि राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जींद इस तरह से मजदूरों की कॉपी जांचने में लगाए गए कार्य का पुरजोर विरोध करता है और मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से निवेदन करता है कि प्राथमिक शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करे ताकि अध्यापक अपनी सारी ऊर्जा बच्चों और देश का उज्ज्वल भविष्य बनाने में लगा सके। इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष अभिमन्यु रेढू, खंड प्रधान अजय यादव, रामकेश, वेदप्रकाश, वीरेंद्र सहित अनेक अध्यापक मौजूद रहे।
