हरियाणा में साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिलने पर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हरियाणा सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैसला राजनीतिक और आर्थिक स्वार्थ से प्रेरित है। पैरोल के बाद फिर किया लाइव सत्संग पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद गुरमीत राम रहीम ने डेरा सच्चा सौदा की संगत के लिए लाइव सत्संग किया और संदेश दिया। बताया जा रहा है कि वह आज फिर से लाइव होकर संगत को संबोधित करेंगे। डेरा सच्चा सौदा बना व्यापारिक केंद्र- अंशुल छत्रपति अंशुल छत्रपति ने अपने बयान में कहा कि डेरा सच्चा सौदा के नाम पर गुरमीत राम रहीम ने धार्मिक आस्था के नाम पर एक विशाल व्यापारिक केंद्र खड़ा किया है, जहां करोड़ों-अरबों रुपये का कारोबार होता है। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर लाखों लोगों को गुमराह किया गया और डेरा की राजनीतिक विंग बनाकर राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हर चुनाव से पहले पैरोल, राजनीतिक लाभ की कोशिश अंशुल ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार हर बार चुनाव से पहले राम रहीम को पैरोल या फरलो देती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब की राजनीतिक पार्टियां डेरा सच्चा सौदा को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती हैं। उनके अनुसार, “अब यह सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि नोट बैंक का भी मामला बन गया है।” पीड़ितों की सुरक्षा वापस लेना चिंताजनक अंशुल ने बताया कि डेरा प्रमुख को पैरोल देने के बाद हरियाणा पुलिस ने पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि सिरसा की एक रेप पीड़िता की फैमिली और उनके घर पर तैनात सुरक्षा भी हटा दी गई है। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि “एक अपराधी को सुरक्षा दी जा रही है, जबकि पीड़ितों की सुरक्षा वापस ली जा रही है।” 2022 में पैरोल एक्ट में संशोधन डेरा प्रमुख के लिए किया गया अंशुल छत्रपति ने आरोप लगाया कि 2022 में हरियाणा सरकार ने पैरोल एक्ट में संशोधन कर कैदियों को बिना कारण बताए पैरोल पर जाने की अनुमति दी। उनका कहना है कि यह संशोधन विशेष रूप से डेरा प्रमुख को पैरोल देने का रास्ता खोलने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि “अगर यह संशोधन सभी कैदियों के लिए है, तो फिर बाकी कैदियों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा?” डेरा प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं इस पूरे मामले पर डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। न ही किसी वीडियो या बयान के माध्यम से इस पर कोई टिप्पणी की गई है।
राम रहीम की पैरोल पर छत्रपति के बेटे का आरोप:अंशुल बोले- सरकार ने गवाहों की सुरक्षा हटाई; सरकार ले रही राजनीतिक लाभ
