सोमवार को पूरी तरह से बंद रहा चंडीगढ़ मनाली राज मार्ग

Spread the love

सोमवार को बारिश के चलते बीच बीच में कुछ ही देर रास्ते को खोलने का प्रयास हुआ। मंडी से आगे कैंची मोड़, डयोडनाला, दवाडा, हणोगी, झलोगी व बनाला में लगातार भूसख्लन होता रहा। हणोगी पुल के पास भारी भूसख्लन ने परेशानी और बढ़ा दी है। हजारों ट्क वोल्वो बसें व दूसरे वाहन जहां तहां खड़े हुए हैं। घाटी में जरूरी वस्तुओं दूध, ब्रेड, अखबार आदि की सप्लाई भी बंद है।

मौसम विभाग के रेड अलर्ट के चलते उपायुक्त मंडी के आदेश पर सोमवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहे, अभी यह रेड अलर्ट दो सितंबर के लिए भी जारी किया गया है। उच्चतम ताप को प्रवाह करने वाली बिजली की लाइनों के कई टावर जमींदोज हो जाने से बिजली संकट बढ़ गया है। हर घंटे बाद कट लगाया जा रहा है जिससे सारा काम ठप होकर रह गया है। कंप्यूटर व बिजली उपकरण भी खराब हो रहे हैं। मंडी शहर में पेयजल संकट दो सप्ताह से बना हुआ है। लोग पानी के लिए मारे मारे फिरे हुए हैं। अभी तक भी टूटी लाइनें सही नहीं हो पाई हैं जबकि व्यास व उहल में गाद का स्तर लगातार बने रहने से पंपिंग में भी दिक्कत जारी है।

इधर, सरकाघाट में सोमवार को एक गड्ढे से बच कर निकलते हुए जमसाई में एक कार दूसरे गड्ढे में जाकर पलट गई मगर चालक प्रवीण कुमार बाल बाल बच गया। सरकाघाट टीहरा मार्ग पर सेना की कैंटीन के पास भारी भूस्खलन हुआ है जिसकी चपेट में आने से कई लोग बाल बाल बच गए मगर सैनिक विश्राम गृह व नगर परिषद की दुकानें खतरे में आ गई हैं। प्रख्यात पर्यटन स्थल बरोट को जाने वाली सड़क भी धस जाने के कारण यह मार्ग बंद हो गया। जिले की अधिकांश सड़कें बंद पड़ी है। जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है।

इधर, सोमवार शाम 4 बज कर 55 मिंट पर भूकंप का झटका भी लोगों ने महसूस किया। पहले से ही बारिश से जरजर हो चुकी जमीन में भूकंप का झटका लोगों में खौफ को और अधिक बढ़ा गया है।