फतेहाबाद शहर में उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक की पार्टनर कंपनी एंबीशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के तीन अधिकारियों द्वारा 7 लाख 29 हजार रुपए का गबन करने का मामला सामने आया है। कंपनी के एरिया कलेक्शन मैनेजर की शिकायत पर फतेहाबाद सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। गबन के बाद से तीनों अधिकारी फरार हैं। कंपनी ने पहले अपने स्तर पर जांच कर इस गबन का पता लगाया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। अब पुलिस ने फतेहाबाद जिले के गांव साधनवास के कुलविंद्र, सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव चिलकनी ढाब के आनंद, सिरसा जिले के ही गांव धोतड़ ढाणी के गुरदास के खिलाफ केस दर्ज किया है। कुलविंद्र इस कंपनी में बतौर असिस्टेंट मैनेजर और आनंद व गुरदास सेंटर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। गबन का खुलासा होने के बाद से तीनों फरार चल रहे हैं। जानिए…पुलिस को दी शिकायत में लगे आरोप ग्रुप लोन देती है कंपनी : उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक के एरिया कोलेक्शन मैनेजर अभय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ पार्टनर है, जो गरीबी रेखा वाले व शहरी उपभोक्ताओं को रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार समूह लोन की सुविधा देती है। हर महीने उपभोक्ताओं से इकट्ठी होती है किश्त : कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं का लोन करने के बाद हर महीने उपभोक्ताओं की किश्त कर्मचारियों द्वारा इकट्ठा की गई। जब कंपनी द्वारा इन अधिकारियों से हिसाब मांगा गया तो पता चला कि इन तीनों ने सांठगांठ करके उपभोक्ताओं से लोन की किश्तें इकट्ठा करके कंपनी के खाते में जमा नहीं करवाई। सितंबर 2025 में की गड़बड़ी : आरोप है कि इन तीनों अधिकारियों ने मिलकर सितंबर महीने में यह गड़बड़ी की है। इसके बाद से लगातार कंपनी इनसे रुपयों की रिकवरी के प्रयास करती रही। मगर भी तक इन्होंने कोई पैसा जमा नहीं करवाया है। कुलविंद्र ने 5.19 लाख, तो आनंद ने 1.77 लाख का किया गबन : मामले का खुलासा होने के बाद इन लोगों को पैसा जमा करवाने के लिए कहा, तो कुलविंद्र सिंह ने 15 सितंबर 2025 तक का समय मांगा। बाद में पता चला कि कुलविंद्र सिंह ने 5 लाख 19 हजार 378 रुपए और गुरदास ने 32 हजार 500 रुपए इकट्ठे करके ब्रांच में जमा नहीं करवाए। आनंद ने भी उपभोक्ताओं के 1 लाख 77 हजार 645 रुपए गबन कर लिए। पर्सनल काम में लगा दिए रुपए : आरोप है कि इन अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से एकत्रित की गई किश्त की राशि बैंक में जमा करवाने की बजाय पर्सनल काम में लगा दी। इसके बाद कंपनी ने रिकवरी के लिए इन तीनों को लीगल नोटिस भी भेजे हैं, लेकिन पैसों की वापसी नहीं हुई है। कितनों के साथ हुआ फ्रॉड- एसएचओ फतेहाबाद शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। इसमें आगामी जांच की जाएगी। जांच के दौरान ही पता चलेगा कि इन लोगों ने कितने उपभोक्ताओं के साथ फ्रॉड किया है।
फतेहाबाद के बैंक में ₹7.29 लाख का फ्रॉड:ग्रुप लोन लेने वाली महिलाओं की हड़पी किश्त; 3 पूर्व अफसरों पर केस दर्ज
