सड़क हादसों को कम करने के लिए अब पूरे प्रदेश में जीरो फटलिटी डिस्ट्रिक्ट के तहत अभियान चलाया जाएगा। पहले चरण में 20 जिलों में चलाए गए इस अभियान की सफलता के बाद ये निर्णय डीजीपी ने लिया है। मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय पर समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने इसकी जानकारी दी। डीजीपी कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण तथा सड़क सुरक्षा की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन-2025 पुलिस मंथन के दौरान रखे गए विचारों और प्रस्तावों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सहमति दे दी है। अब इन प्रस्तावों के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने पर विशेष जोर दिया गया। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध निरंतर, प्रभावी और वैधानिक कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह नीति प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने संतोष व्यक्त किया कि पूरे प्रदेश से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। इन केंद्रों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों से पुलिस की छवि में सुधार हो रहा है और जनता के साथ सकारात्मक संबंध मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व समीक्षाओं में प्राप्त लाभप्रद योजनाओं को सभी जनपदों और कमिश्नरेट में लागू किया जाए। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सहायता तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जनोपयोगी बनाने पर बल दिया गया। हाल ही में पुलिस मंथन-2025 के दौरान लॉन्च किए गए यक्ष एप को लेकर डीजीपी ने बताया कि यह ऐप अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इसमें पहले से चलाए जा रहे ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन त्रिनेत्र, बीट प्रहरी जैसे अभियानों को समाहित किया गया है। ऐप के संचालन के लिए तैयार एसओपी सभी को भेजी जा चुकी है और इसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रथम चरण में फीड किए गए डाटा की जांच सिपाही से लेकर उच्च स्तर तक कराने का आदेश दिया गया ताकि किसी भी गलती या कमी को सुधारा जा सके। यक्ष ऐप में AI पावर्ड फेशियल रिकग्निशन और वाॅयस सर्च जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो घटनाओं के अनावरण और अपराध रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। पुलिस महानिदेशक ने ऐप के प्रभावी उपयोग, प्रशिक्षण और फील्ड स्तर पर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हादसों को घटाने के लिए 55 जिलों में चलेगा अभियान:डीजीपी ने की समीक्षा, एआई बेस्ड एप से कंट्रोल होगा क्राइम
