व्यापारी का हत्यारा मुठभेड़ के बाद पकड़ा:रेवाड़ी में CIA इंचार्ज-SI को भी गोली लगी; बदमाश सोनीपत का रहने वाला, 20 केस दर्ज

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हरियाणा के रेवाड़ी में सोमवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। बदमाश ने पुलिस पर 5 राउंड फायरिंग की। गोलियां CIA इंचार्ज और SI को लगीं, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण वे बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी 2 गोलियां चलाईं, जो बदमाश के दोनों पैरों पर जाकर लगीं। घायल होने के बाद पुलिस ने बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। रात को ही उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बदमाश की पहचान सोनीपत के रहने वाले जयभगवान उर्फ सोनू के रूप में हुई। वह रेवाड़ी के बहाला गांव में हुए खाद व्यापारी मोहन की हत्या का मुख्य आरोपी है। सोनू पर विभिन्न थानों में 20 से अधिक केस दर्ज हैं। उस पर 20 हजार रुपए का इनाम रखा हुआ है। 2 पॉइंट में जानिए कैसे बदमाश के पीछे लगी टीमें… बाइक रोकने को कहा तो फायरिंग की
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात 12 बजे CIA धारूहेड़ा और गुरुग्राम STF को सूचना मिली कि खाद व्यापारी मोहन की हत्या में मुख्य आरोपी सोनू मान खरखड़ा से भटसाना की तरफ जाएगा। सूचना के बाद टीम ने नाकेबंदी की। पुलिस ने एक बाइक सवार को जब नाके पर रोकने का इशारा किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश ने एक के बाद एक पांच फायर किए। जिनमें से एक-एक गोली CIA इंचार्ज योगेश हुड्‌डा और STF के SI विवेक की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पैरों में गोलियां लगने से घायल हुआ बदमाश
टीम ने जवाबी कार्रवाई में दो फायर किए। दोनों पैरों में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती करवाया। मुठभेड में घायल बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू सोनीपत के पिनाना गांव का रहने वाला है। पुलिस ने सोनू के खिलाफ धारूहेड़ा थाने में हत्या प्रयास, शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब मोहन हत्याकांड के बारे में जानिए…. इंडेवर कार में सवार होकर आए बदमाश
बहाला निवासी मोहन ने मोहन ट्रेडर्स के नाम से खाद-बीज की दुकान की हुई थी। गत 23 दिसंबर को एक इंडेवर कार में आए बदमाशों ने मोहन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके बेटे व आसपास के लोगों ने बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया, तो गोली मारने की धमकी देकर आरोपी वहां से फरार होने में कामयाब हो गए थे। बेटे ने लगाए थे जयवीर पर आरोप
पुलिस बयान में मोहन के बेटे दुष्यंत ने आरोप लगाया था कि कुछ समय से उसके पिता का हिसार निवासी जयवीर सिंह से पैसे के हिसाब-किताब को लेकर विवाद चल रहा था। इसके बारे में भिवानी निवासी अंकित सरोहा और पोप सिंह ने उसे बताया था। उसने आशंका जताई थी कि उसके पिता की हत्या के पीछे जयवीर का ही हाथ है। जांच के बाद पुलिस ने हिसार के मोहब्बतपुर निवासी जयप्रकाश उर्फ जयवीर को गिरफ्तार कर लिया था। डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़ने के बाद विवाद
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मोहन जेबीएस एग्रो कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर था। इस कंपनी का जयप्रकाश उर्फ जयवीर एमडी है। मोहन ने कुछ समय पहले कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़ दी थी। कंपनी से उठाए गए सामान की पेमेंट भी बकाया थी। इसी बात को लेकर एमडी और मोहन के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी विवाद के चलते जयवीर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सुपारी देकर मोहन की हत्या करवा दी। इसी केस में सोनू का नाम आया।