बैठक में उन्होंने राज्य के ट्रैफिक सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की और कई अहम दिशानिर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि लोगों को सरल, सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
सम्राट चौधरी ने राज्य में ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट स्थापित करने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित पुलिस बल जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस बल को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। गलत और अवैध पार्किंग पर लगाम लगाने के लिए विभागीय क्रेन के साथ-साथ प्राइवेट क्रेन लगाने पर भी बल दिया गया।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि रेलवे जंक्शन, व्यस्त चौराहों और जाम वाले इलाकों में ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इससे रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने पंचायत, नगर निकाय और शहरी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। शहरों और पंचायतों के एंट्री व एग्जिट प्वाइंट पर कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, ताकि यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों।
