उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने जेल सुधार की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं और राज्य की जेलों में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा जब सत्ता से बाहर होती है तो वह झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के सहारे जनभावनाओं को भटकाने में लग जाती है।
पांडेय ने कहा कि भाजपा के पास आज कोई जनमुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह बेबुनियाद आरोपों के ज़रिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की ओर से भ्रष्टाचार की बात करना अपने आप में हास्यास्पद है, क्योंकि केंद्रीय संस्थाओं के दुरुपयोग में भाजपा का कोई सानी नहीं।
पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष में हर वर्ग की जनता के हित में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। चाहे वह स्थानीयता नीति, नियोजन नीति, आदिवासी-मूलवासी अधिकारों की रक्षा, किसानों के कर्ज माफी या महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो। दूसरी ओर भाजपा अपने दिल्ली में बैठे आकाओं की मदद से लोकप्रिय हेमंत सरकार के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए षड़यंत्र रचने से बाज नहीं आ रही है।
