भाजपा नेता ने धमकाया- शहर की फिजा बिगाड़ दूंगा:कलेक्टर के सामने बांसुरी बजाकर शिकायत; उछल-उछलकर नाचे केंद्रीय मंत्री

Spread the love

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। दिग्विजय सिंह ने छोड़ी राज्यसभा की राह
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा नहीं जाने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। उनके इस फैसले को लेकर कांग्रेस के अंदर ही अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दिग्विजय सिंह के फैसले से पार्टी में कहीं खुशी का माहौल है तो कहीं मायूसी भी। खुशी उन नेताओं के चेहरे पर दिख रही है, जो राज्यसभा जाने की दौड़ में पहले से ही अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हुए थे। वहीं, गम उन नेताओं को है, जो मध्यप्रदेश की राजनीति में ही अपना भविष्य देख रहे हैं। दिग्विजय सिंह का मूड अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने का है। उनका फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। हालांकि, उनके इस फैसले से पार्टी के कुछ नेता असहज भी महसूस कर सकते हैं, क्योंकि प्रदेश की राजनीति में उनकी सक्रियता कई समीकरण बदल सकती है। सत्ता का रौब, अफसर को सरेआम धमकी
सत्ता का रौब किस तरह सिर चढ़कर बोल रहा है, रतलाम में इसकी एक बानगी सामने आई है। यहां भाजपा के एक पूर्व जिला अध्यक्ष बजरंग पुरोहित का वीडियो सामने आया है, जिसमें वे नगर निगम कमिश्नर को सरेआम धमकाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नेता जी कहते सुनाई दे रहे हैं- हालात खराब कर दूंगा निगम की। वे अपने समर्थकों से कह रहे हैं- कमिश्नर को घेर लो। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि मैं रतलाम की फिजा बिगाड़ दूंगा। वहीं दूसरी तरफ कमिश्नर उन्हें समझाने और स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए गिड़गिड़ाते नजर आ रहे हैं। दरअसल, पूरा विवाद एक बगीचे की बाउंड्री और मंदिर का ओटला तोड़े जाने को लेकर है। भाजपा नेता इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़ गए और मौके पर ही हंगामा खड़ा कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा पार्षदों ने निगम कमिश्नर पर सेटिंग के भी आरोप लगाए। इधर, कमिश्नर समझाते रहे कि मामला कोर्ट में है, इसलिए प्रशासन की अपनी सीमाएं हैं। लेकिन सत्ताधारी दल के पार्षद, नेता और कार्यकर्ता कहां मानने वाले थे। वे लगातार दबाव बनाते रहे। कमिश्नर को बाउंड्री वॉल बनवाने का कहते रहे। साथ ही तोड़फोड़ करने वाले पर एफआईआर कराने की मांग पर अड़े रहे। सवाल पर डिप्टी सीएम ने दिया ‘चकमा’
पिछले दिनों उमरिया दौरे पर गए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैदानी दौरों से जमीनी समस्याओं का समाधान होता है। इस दौरान मीडिया ने उन पर सवालों की बौछार कर दी। एक सवाल पर वे पत्रकारों को चकमा देकर, मतलब ऐसा लगा कि वे कुछ कहेंगे और फिर बिना कुछ कहे चले गए। पत्रकारों ने पूछा था कि मध्य प्रदेश में एएनएम को नर्सिंग कैडर नहीं मिल पा रहा है। जवाब देने के लिए उन्होंने कुछ देर सोचा और फिर कहा बात करते हैं। शिकायत करने के लिए बजाई बांसुरी
डिंडौरी से एक दिलचस्प और मुस्कुराने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां जनसुनवाई में पहुंचे एक बुजुर्ग किसान ने शिकायत करने के अपने अनोखे तरीके से सबका ध्यान खींच लिया। किसान ने पहले अपनी समस्या कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को बताई। फिर झोले से बांसुरी निकालकर मधुर धुन बजाने लगा। जनसुनवाई हॉल में कुछ पल के लिए माहौल पूरी तरह बदल गया। दफ्तर संगीत से गूंज उठा। किसान की बांसुरी की धुन सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक पाए। माहौल खुशनुमा हो गया और सबसे अच्छी बात ये रही कि किसान की समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इतना ही नहीं, प्रशासन की ओर से किसान को कंबल गिफ्ट किया गया। उसका मोबाइल भी रिचार्ज कराया। लोगों का कहना है कि जिस काम के लिए किसान की चप्पलें सालों से घिस रही थीं, वो काम उसकी बांसुरी ने चंद मिनटों में कर दिखाया। भजन पर झूमे केंद्रीय मंत्री और पूर्व मंत्री
हरदा में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और पूर्व मंत्री कमल पटेल भजनों पर जमकर झूमते नजर आए। दोनों नेता उछल-उछलकर नाचे। इसका वीडियो भी सामने आया है। केंद्रीय मंत्री खेल के एक आयोजन के समापन के मौके पर यहां पहुंचे थे। इस दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया था। इसी दौरान दोनों नेता जमकर थिरकें। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), केके शर्मा (रतलाम), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी), संदेश पारे (हरदा), शैलेंद्र चतुर्वेदी (उमरिया) ये भी पढ़ें –
‘घंटा’ का असर.. विजयवर्गीय बोले-कितना भी दबाव डालो, नहीं बोलूंगा: अतिथि शिक्षक गिड़गिड़ाए, नहीं रुके सिंधिया कहते हैं न कि दूध का जला, छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। धार दौरे पर उनका बदला हुआ अंदाज साफ दिखा। उनसे भोजशाला को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- आप कितना भी दबाव डालेंगे, मैं सिर्फ जी-राम-जी के बाहर नहीं जाऊंगा। पूरी खबर पढ़ें