भाजपा ने 62 संगठनात्मक जिलों में प्रभारी किए नियुक्त:प्रभारियों में पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और पूर्व सांसद भी शामिल

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मध्य प्रदेश भाजपा ने सभी 62 संगठनात्मक जिलों में जिला प्रभारी की नियुक्ति की है। नियुक्त किए गए जिला प्रभारी में पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और पूर्व सांसद भी शामिल हैं। इससे पहले बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार को पार्टी के संभागीय प्रभारी, पार्टी पदाधिकारी और मोर्चा पदाधिकारी की बैठक लेकर संगठनात्मक कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा था। संगठन महामंत्री अजय जामवाल भोपाल में बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री और प्रभारी प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामवाल शनिवार को भोपाल में हैं। भोपाल में जामवाल ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पार्टी के संभागीय प्रभारियों की बैठक बुलाकर आगामी कार्यक्रमों की प्लानिंग और अमल के लिए निर्देश दिए थे। इसमें सबसे अधिक फोकस अगले माह होने वाले जिला से मंडल स्तर तक के प्रशिक्षण पर दिया गया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दो दिन के दिल्ली प्रवास के बाद कल से संगठनात्मक बैठकों में जुटे हैं। दिल्ली में खंडेलवाल ने पार्टी के नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिले थे और पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के भोपाल आने पर पार्टी के कार्यक्रमों में तेजी लाने के लिए आज संभागीय प्रभारियों के साथ बैठक हुई।
बताया जाता है कि इस बैठक में पार्टी के मार्च में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों, केंद्रीय बजट के प्रचार प्रसार और वीबी जी रामजी योजना का गांवों में अधिक से अधिक विस्तार कराने पर चर्चा की गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मार्च में बीजेपी जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने वाली है। इसमें प्रशिक्षण की थीम और अन्य कार्यक्रमों को लेकर संभागीय प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश पदाधिकारियों, मोर्चा प्रभारियों के साथ भी बैठक क्षेत्रीय संगठन महामंत्री जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने संभागीय प्रभारियों के बाद मोर्चा पदाधिकारियों और पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ भी संयुक्त बैठक की है। इस बैठक में पार्टी के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर चर्चा के साथ केंद्रीय बजट और वीबी जी रामजी पर डिस्कसन हुआ। बैठक में पदाधिकारियों से कहा गया कि वे गांवों और कस्बों में लोगों को केंद्रीय बजट के फायदे बताएं और कांग्रेस के दुष्प्रचार को रोकने के लिए एक्टिव रहें।